संजय ठाकुर संवाददाता पलासी अररिया

पलासी टीईटी प्रारंभिक शिक्षक संघ, अररिया के सातवें स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को पलासी-मोहानिया स्थित राम-जानकी मंदिर परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान संघ के पलासी प्रखंड कार्यालय का भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम सादगी, गरिमा एवं शालीनता के साथ संपन्न हुआ।समारोह में जिलाध्यक्ष आफताब फिरोज, कार्यकारी जिलाध्यक्ष मेराज खान, सचिव राजेश कुमार, महासचिव सचेन्द्र कुमार, प्रवक्ता राहुल झा, प्रखंड अध्यक्ष भूपेश कुमार विश्वास समेत विकास कुमार, मुख्तार आलम, मीर शहजाद आलम, आनंद मोहन यादव, रजनिकांत झा, सवुद आलम, विनोद कुमार, इफ्तखार आलम, संजय कुमार, अरसलान मोहसीन, जाकिर हुसैन, गुलाम मोहम्मद, सरद मिश्रा, सलमान हुसैन, अली अहमद एवं उदय कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।समारोह को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष आफताब फिरोज ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों में आरटीई एक्ट, 2009 की धारा 23(1) के तहत प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य एवं न्यूनतम योग्यता के रूप में मान्यता दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी संवर्ग के
शिक्षकों की मूल पहचान और अर्हता का आधार टीईटी है।उन्होंने कहा कि विशिष्ट शिक्षक, प्रधान शिक्षक या विद्यालय अध्यापक जैसे अलग-अलग संवर्गों में बंटकर शिक्षकों को कमजोर होने के बजाय टीईटी के बैनर तले एकजुट होना समय की मांग है। एकजुटता के माध्यम से ही शिक्षक अपने अधिकारों की लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती से आवाज उठा सकते हैं।आफताब फिरोज ने कहा कि हाल में सातवें वेतन आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप वेतनमान की मांग को लेकर शिक्षकों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर डिजिटल आंदोलन किया था। शिक्षकों की एकजुटता के कारण अभियान व्यापक स्तर पर चर्चा में आया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू कराने सहित शिक्षकों के विभिन्न अधिकारों को लेकर भी लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखना होगा। इसके लिए सभी संवर्ग के शिक्षकों की एकजुटता जरूरी है।






