नजरिया/कुशेश्वरस्थान।
उच्च विद्यालय के खेल मैदान में पर्यटन विभाग, बिहार सरकार द्वारा बनाए जा रहे जी–2 प्लस विवाह भवन के निर्माण कार्य के विरोध में मंगलवार को कुशेश्वरस्थान बाजार दोपहर 12 बजे तक पूरी तरह बंद रहा। 12 बजे के बाद सभी दुकानें सामान्य रूप से खुल गईं। 
बंदी के दौरान स्थानीय नागरिकों, खिलाड़ियों एवं सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर बाजार बंद का समर्थन किया और खेल मैदान में चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोकने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह मैदान वर्षों से खेल गतिविधियों का केंद्र रहा है और इसके नष्ट होने से क्षेत्र के युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। 
खिलाड़ियों एवं गणमान्य लोगों ने बाजार के चारों ओर घूम-घूमकर दुकानदारों और आम लोगों से बंदी में सहयोग की अपील की। ग्रामीणों का कहना है कि कुशेश्वरस्थान का यह एकमात्र खेल मैदान है, जहां खेलकूद के अलावा राजनीतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा है। साथ ही किसान अपनी तैयार फसल को भी इसी मैदान में सुखाते थे। और यह भूमि पर श्मशान घाट भी है, ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि यदि विवाह भवन का निर्माण आवश्यक है, तो मैदान से थोड़ी पूरब की ओर उपलब्ध खाली जमीन पर भवन बनाया जाए, जिससे विवाह भवन भी बन जाए और खेल मैदान भी सुरक्षित रहे।
इस मौके पर ग्रामीण जयप्रकाश पासवान ने कहा कि हम सभी शांतिपूर्ण तरीके से खेल मैदान को बचाने के लिए विरोध कर रहे हैं। सरकार से मांग है कि खेल मैदान में चल रहे निर्माण कार्य को अविलंब रोका जाए और पूरब की बची हुई भूमि पर निर्माण कराया जाए। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 
शिव भक्तों को बाजार बंद रहने से खरीदारी नहीं कर पाने का अफसोस.
इधर, शिवनगरी कुशेश्वरनाथ धाम दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं ने बाजार बंद रहने के कारण खरीदारी न कर पाने पर अफसोस जताया। श्रद्धालुओं का कहना था कि बाबा का पूजन तो अच्छे से हो गया, लेकिन दुकानें बंद रहने के कारण आवश्यक सामान नहीं खरीद सके। प्रदर्शन में मोहम्मद फारुकी, भूषण हजारी, सकलदीप हजारी, रामसागर चौपाल, ऋषि झा पंडा सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे। (उक्त भूमि अनावद बिहार सरकार खाते की है। साथ ही बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद की अधिसूचना के अनुसार यह भूमि न्यास के अंतर्गत आती है। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा न्यास की भूमि पर विकासात्मक कार्य किया जा रहा है, ताकि लोगों को अधिक रोजगार के अवसर मिल सकें। : अंचल अधिकारी (सीओ) गोपाल पासवान।)























