वीरेंद्र चौहान नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज, 13 मार्च।
राज्य के दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके बीच उद्यमिता एवं स्वरोजगार को व्यापक रूप से बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार सरकार के उद्योग विभाग एवं समाज कल्याण विभाग के समन्वय से “मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना” का संचालन किया जा रहा है। जिला प्रशासन, किशनगंज द्वारा जिले के सभी सुयोग्य एवं अर्हता प्राप्त दिव्यांगजनों से अपील की गई है कि वे इस कल्याणकारी योजना का लाभउठाने हेतु निर्धारित अंतिम तिथि 15 मार्च 2026 (अपराह्न 5:00 बजे तक) से पूर्व अपना ऑनलाइन आवेदन हर हाल में समर्पित कर दें। इस महत्वाकांक्षी योजना को राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा 26 अगस्त 2025 को स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करना है।
योजना के तहत चयनित दिव्यांग लाभुकों को अपना उद्योग या नया स्वरोजगार स्थापित करने हेतु प्रति इकाई अधिकतम 10,00,000 रुपये (दस लाख रुपये) की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस कुल परियोजना लागत में से 50 प्रतिशत (अधिकतम 5 लाख रुपये) की राशि राज्य सरकार द्वारा सीधे अनुदान (सब्सिडी) के रूप में दी जाएगी, जबकि शेष 50 प्रतिशत (अधिकतम 5 लाख रुपये) की राशि लाभुक को व्याज-मुक्त ऋण के रूप में प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त, चयनित लाभुकों के प्रारंभिक प्रशिक्षण एवं परियोजना अनुश्रवण समिति द्वारा सहायता हेतु 25,000 रुपये का अतिरिक्त व्यय भी विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए किशनगंज जिले हेतु कुल 02 (दो) लाभुकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, तथा इसके अतिरिक्त राज्य के कुल लक्ष्य का 20 प्रतिशत लाभार्थियों को प्रतीक्षा सूची (वेटलिस्ट) में भी रखा जाएगा।

किशनगंज, बिहार – मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजनाः स्वरोजगार करने के लिए 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता
इस योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदक का बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना तथा उसकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है। शैक्षणिक योग्यता के तौर पर आवेदक का कम-से-कम 10+2 (इन्टरमीडिएट), आई०टी०आई०, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या उसके समकक्ष उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसके साथ ही, आवेदक 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता से प्रभावित हो तथा उसके पास अनिवार्य रूप से यू०डी०आई०डी० (UDID) कार्ड उपलब्ध होना चाहिए। आवेदन की सबसे महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य शर्त यह है कि आवेदक द्वारा संचालित इकाई पूर्व से ही प्रोपराईटरशीप फर्म, पार्टनरशीप फर्म, एल०एल०पी० (LLP) अथवा प्राइवेट लिमिटेड (Pvt Ltd.) कंपनी के तहत निबंधित (Registered) होनी चाहिए। वैसे दिव्यांगजन जो पूर्व में उद्योग विभाग या अन्य विभाग द्वारा संचालित किसी भी उद्यमी योजना का लाभ ले चुके हैं, वे इस योजना के तहत पुनः लाभ प्राप्त करने के पात्र नहीं होंगे।
आवेदन करते समय लाभुकों को जन्मतिथि सत्यापन हेतु मैट्रिक का प्रमाण-पत्र, इंटरमीडिएट या समकक्ष का शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, जाति एवं स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, UDID कार्ड, इकाई के निबंधन का प्रमाण-पत्र, अद्यतन फोटो एवं हस्ताक्षर आदि अपलोड करना होगा। योग्य लाभुक अपनी दिव्यांगता की श्रेणी के अनुसार अनुमन्य व्यवसायों का चयन कर सकते हैं। समय अत्यंत कम है, अतः योग्य लाभुक अंतिम समय के तकनीकी सर्वर इश्यू से बचने के लिए अविलंब अपनी आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करें। आवेदन उद्योग विभाग के आधिकारिक उद्यमी पोर्टल (https://udyami.bihar.gov.in/) के माध्यम से दिनांक 15.03.2026 तक ही प्राप्त किए जाएंगे। योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी, निबंधन या आवेदन में तकनीकी सहायता के लिए महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र (DIC) तथा संबंधित जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग से तत्काल संपर्क किया जा सकता है।






















