नजरिया न्यूज़ / गोविन्द पोद्दार,
कुशेश्वरस्थान।
जो आध्यात्मिक ज्ञान, साधना और धर्म के मार्ग पर अग्रसर हो वह सच्चा संत है। संतों को उनके धार्मिक, नैतिक और आध्यात्मिक गुणों के लिए जाना जाता है। संतों का जीवन भगवान या किसी उच्च शक्ति की साधना में समर्पित होता है। वे ध्यान, योग और प्रार्थना के माध्यम से आत्मा को शुद्ध करने का प्रयास करते हैं:
उक्त वातें उच्च विद्यालय कुशेश्वरस्थान के परिसर में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्री राम चरित मानस एवं गीता ज्ञान यज्ञ के कथा श्रवण करने वाले श्रोताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रोताओं की भीड़ से पंडाल छोटा पड़ गया। कथा के चौथे दिन शनिवार को आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी यादवेन्द्रानंद जी ने कहा
संतों का वास्तविक अर्थ समझाया। स्वामी यादवेन्द्रानंद जी ने आगे कहा कि संत सादगीपूर्ण जीवन जीते हैं और सांसारिक इच्छाओं से दूर रहते हैं।वे भौतिक सुख सुविधाओं से अधिक आत्मिक संतोष को महत्व देते हैं। संत दूसरों की सहायता करने में विश्वास रखते हैं। वे हमेशा मानवता के कल्याण हेतु कार्य करते हैं
और समाज में शांति और सद्भाव का संदेश देते हैं। संतों के पास गहरा आध्यात्मिक और धार्मिक ज्ञान होता है जिसे वे उपदेशों, कीर्तन, प्रवचन और लेखन के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि संत अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर दूसरों की भलाई के लिए काम करते हैं। उनका उद्देश्य
मानव को मोक्ष या आत्मज्ञान की ओर प्रेरित करना होता है।
वे सभी धर्मों और जातियों के प्रति समान दृष्टिकोण रखते हैं। वे प्रेम, करुणा और सहिष्णुता का प्रचार करते हैं। ऐसे व्यक्ति जो इन सभी गुणों को अपने जीवन में आत्मसात करते हैं। मानव कल्याण के लिए अपने जीवन को लगा कर नव चेतना देते हैं। वही सच्चा संत हैं। कथा के बीच बीच में भजन कीर्तन की प्रस्तुति से श्रोता भक्ति की सागर में गोते लगाते रहे।














उक्त वातें उच्च विद्यालय कुशेश्वरस्थान के परिसर में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्री राम चरित मानस एवं गीता ज्ञान यज्ञ के 
और समाज में शांति और सद्भाव का संदेश देते हैं। संतों के पास गहरा आध्यात्मिक और धार्मिक ज्ञान होता है जिसे वे उपदेशों, कीर्तन, प्रवचन और लेखन के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि संत अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर दूसरों की भलाई के लिए काम करते हैं। उनका उद्देश्य









