नजरिया न्यूज़,अररिया। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 52वीं वाहिनी, अररिया में देश की रक्षा और सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। कार्यवाहक कमांडेंट श्री आलोक कुमार के निर्देशन में वाहिनी मुख्यालय सहित सभी बाह्य सीमा चौकियों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस दौरान शहीद जवानों के सम्मान में सलामी दी गई, शोक शस्त्र किया गया तथा दो मिनट का मौन धारण कर उनके बलिदान को याद किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं जवानों ने देश की सुरक्षा में शहीद हुए वीर जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया।
कार्यवाहक कमांडेंट श्री आलोक कुमार ने पुलिस स्मृति दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में सीआरपीएफ की एक टुकड़ी पर चीनी सेना ने घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में सीआरपीएफ के सात और अन्य राज्य पुलिस बलों के तीन जवान शहीद हो गए थे। उन्हीं वीर जवानों की शहादत की याद में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि गत वर्ष देश के विभिन्न राज्यों के कुल 154 जवानों ने कर्तव्य पालन के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इनमें सशस्त्र सीमा बल के सहायक उप निरीक्षक समरेश दास, मुख्य आरक्षी विनय प्रदीप करकेटा, आरक्षी दिनेश कुमार मंडल, आरक्षी मानिक रॉय और आरक्षी मुकेश कुमार गुर्जर भी शामिल हैं।
इस अवसर पर उप कमांडेंट श्री उदय कुमार, सहायक कमांडेंट (चिकित्सा) डॉ. सविता सहित वाहिनी के तमाम अधिकारियों एवं बलकर्मियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के माध्यम से जवानों ने देश की सुरक्षा, शांति और अखंडता के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प दोहराया।




















