- पद का दुरुपयोग कर प्रताड़ित करने का आरोप, एसआई सहित दो अभियुक्त
- धारा 163 के आदेश के बाद भी घर में घुसकर गाली-गलौज व रंगदारी मांगने का आरोप
नजरिया न्यूज़, (विधि संवाददाता)अररिया।
जमीन विवाद में एक वृद्ध महिला को लगातार प्रताड़ित करने और मारपीट करने का मामला मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमरेन्द्र प्रसाद के न्यायालय में पहुंचा है। परिवादिनी रीता झा, उम्र 55 वर्ष, पति स्व. नवींद्र कुमार झा, स्थायी पता संगम विहार, दिल्ली, हाल पता परसाहाट वार्ड-6, थाना रानीगंज ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अभियोग पत्र संख्या-1509/2026 दाखिल किया है।
परिवाद में रानीगंज थाना में निर्वतमान पदस्थापित एसआई राकेश कुमार, उम्र 40 वर्ष एवं ललित नारायण झा, उम्र 60 वर्ष, पिता धर्म नारायण झा, निवासी परसाहाट को अभियुक्त बनाया गया है।
*केवाला वाली जमीन बना विवाद की जड़*
परिवादिनी के अनुसार मौजा-परसाहाट, खाता-597, खेसरा-3014, रकवा 12 डिसमिल जमीन उन्होंने 21.02.2025 को केवाला संख्या-95580 के माध्यम से विजय कुमार झा एवं पूजा देवी से खरीदी थी। केवाला के बाद से वह उसी जमीन पर मकान बनाकर रह रही हैं। करीब 3 माह पूर्व उन्होंने उस जमीन पर शौचालय और घर की मरम्मत शुरू कराई थी। इसी दौरान अभियुक्त ललित नारायण झा ने जमीन को अपना बताकर अवैध कब्जे का झूठा आरोप लगाया और एसआई राकेश कुमार की मिलीभगत से उनके खिलाफ धारा 163 बीएनएसएस के तहत कांड संख्या-416एम/26 दर्ज कराया।
*न्यायालय के आदेश के बाद भी जारी रही धमकी*
परिवाद में कहा गया है कि अनुमंडल दंडाधिकारी न्यायालय में मामला लंबित रहने के बावजूद अभियुक्त एसआई राकेश कुमार बिना किसी आदेश के परिवादिनी के घर आकर लगातार गाली-गलौज और बेदखली की धमकी देते रहे। 13.07.2026 को न्यायालय ने धारा 163 की कार्रवाई को आदेश पर रख दिया। इससे नाराज होकर अभियुक्तगणों ने प्रतिशोध लेना शुरू कर दिया।
*आरोप: घर में घुसकर मारपीट, लज्जा भंग और रंगदारी*
परिवाद के अनुसार 22.07.2026 को दोपहर 3 बजे दोनों अभियुक्त परिवादिनी के घर पहुंचे। आरोप है कि एसआई राकेश कुमार दीवार फांदकर बाथरूम में घुसे, गाली दी और एक लाख रुपये रंगदारी मांगी। रुपये नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद 17.07.2026 को तीन पुलिसकर्मियों के साथ आकर पुनः गाली-गलौज की गई।
अंतिम घटना 22.07.2026 को हुई। आरोप है कि ललित नारायण झा ने कहा आज इसे सबक सिखाना है। इसके बाद राकेश कुमार ने परिवादिनी का बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया। ललित नारायण झा ने थप्पड़-घूंसे से मारपीट की, कपड़े फाड़कर लज्जा भंग की और कान से 8 आना वजन की सोने की बाली छीन ली। धमकी दी गई कि थाना में केस भी दर्ज नहीं होने दिया जाएगा।
मारपीट से तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों की मदद से परिवादिनी को इलाज के लिए दिल्ली पुत्र के पास भेजा गया। इसी कारण मुकदमा दायर करने में विलंब हुआ।
परिवाद में धारा 115(2), 329, 76, 77, 308, 303(2), 351(2), 352, 313 बीएनएस के तहत संज्ञान लेकर अभियुक्तों को दंडित करने की मांग की गई है। मामले में रूपेश मंडल, मिथिलेश मंडल, सतन झा और अंकित कुमार झा को गवाह बनाया गया है।



















