- सिरसिया की फैक्ट्रियों से हजारों घरों में जल रहा चूल्हा
नजरिया न्यूज़, फारबिसगंज/अररिया। विकाश प्रकाश।
फारबिसगंज। अररिया जिला के फारबिसगंज प्रखंड अंतर्गत सिमराहा पंचायत के सिरसिया क्षेत्र में संचालित फैक्ट्रियां स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी हैं। औद्योगिक गतिविधियों से जहां हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है, वहीं क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है। इन फैक्ट्रियों के कारण स्थानीय स्तर पर मजदूरों, वाहन चालकों, छोटे कारोबारियों और अन्य कामगारों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं।
दक्षिणेश्वर राय उर्फ पप्पू ने बताया कि सिरसिया में चल रही फैक्ट्रियों से इलाके के हजारों घरों में चूल्हा जल रहा है और लाखों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार के साथ इन औद्योगिक इकाइयों से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं। उनके अनुसार, प्रदूषण के नाम पर कुछ असामाजिक तत्व फैक्ट्रियों के खिलाफ नरेटिव तैयार कर इलाके का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रदूषण की जांच के लिए व्यवस्था
उन्होंने कहा कि यदि किसी फैक्ट्री से प्रदूषण संबंधी समस्या है तो उसकी जांच संबंधित विभाग और सक्षम प्रशासनिक एजेंसी द्वारा की जानी चाहिए। राज्य और जिला स्तर पर प्रदूषण की जांच के लिए व्यवस्था है और समय-समय पर संबंधित टीमें जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार एवं जिला प्रशासन को सौंपती हैं। ऐसे में किसी भी मामले में जांच रिपोर्ट और तथ्य के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।
रोजगार से मजबूत हो रहा सामाजिक परिवेश
फैक्ट्रियों से मिलने वाले रोजगार का असर केवल कामगारों तक सीमित नहीं है। स्थानीय बाजार, परिवहन, दुकान, होटल और अन्य छोटे कारोबारों को भी इसका लाभ मिलता है। नियमित रोजगार से परिवारों का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और अन्य जरूरतें पूरी होती हैं। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों के साथ सामाजिक स्थिरता भी मजबूत होती है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
दक्षिणेश्वर राय उर्फ पप्पू ने जिला प्रशासन से मांग की है कि फैक्ट्रियों को लेकर बिना तथ्य के अफवाह या नकारात्मक नरेटिव फैलाकर सामाजिक माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि विकास और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार का विवाद कानून के दायरे में रहकर ही उठाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उद्योगों के साथ पर्यावरणीय मानकों का पालन भी जरूरी है। प्रशासन को चाहिए कि रोजगार और विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सुनिश्चित करते हुए क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बनाए रखे।


















