पिछले दो-तीन महीनों के दौरान एसपी की ओर से कई मामलों में कड़ी कार्रवाई की गई। एक थानेदार को निलंबित किया गया, जबकि एक थानेदार को लाइन हाजिर और एक अपर थानाध्यक्ष को निलंबित किया गया था।
हाल के दिनों में जोगबनी थाना से जुड़े मामले में भी पुलिस महकमे में कार्रवाई चर्चा में रही। आरोप है कि वहां पदस्थापित थानेदार की स्मैक तस्करों से सांठगांठ की शिकायत सामने आई। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की और दो थानेदारों को लाइन हाजिर किया।
इसके अलावा दो दिन पहले कुआंरी थानाध्यक्ष को भी निलंबित किया गया था। इससे पहले भी कुआंरी थाना के दो थानाध्यक्ष पर इसी तरह के आरोप में निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है।
लगातार हो रही कार्रवाई से पुलिस विभाग में यह संदेश गया है कि कर्तव्य में लापरवाही या आपराधिक तत्वों से कथित मिलीभगत किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि, आरोपों की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच और आधिकारिक कार्रवाई के अंतिम निष्कर्ष से ही होगी।
किन-किन थानाध्यक्षों पर हुई कार्रवाई?
- महादेव कामत (थानाध्यक्ष, जोगबनी – पुलिस निरीक्षक): स्मैक, गांजा और कोडीन सिरप के तस्करों से सांठ-गांठ, अवैध उगाही तथा तस्करों के ठिकानों पर छापेमारी न करने के गंभीर आरोपों में निलंबित (Suspended). नेपाल सीमा से सटे जोगबनी में नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए यह कार्रवाई की गई है.
- राजू कुमार (थानाध्यक्ष, कुआड़ी): सर्विस कोड (DCC Rule) के उल्लंघन के मामले में दो दिन पूर्व ही निलंबित किए जा चुके हैं.
- मिथिलेश कुमार सिंह (थानाध्यक्ष, बरदाहा): कार्य में लापरवाही, तकनीकी ज्ञान की कमी और CCTNS (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) में दक्षता न होने के कारण लाइन हाजिर.
- सम्सुदीन अंसारी (थानाध्यक्ष, मदनपुर): सीसीटीएनएस के संचालन में अक्षमता और विभागीय लापरवाही के आरोप में लाइन हाजिर.






















