मुख्य संवाददाता, नजरिया न्यूज़,अररिया/पूर्णिया।17 मई 2026।
“जुर्म चाहे कितना भी शातिर तरीके से क्यों न किया जाए, कानून के लंबे हाथ गुनहगार के गिरेबान तक पहुंच ही जाते हैं। अररिया और पूर्णिया जिले की सीमा को झकझोर देने वाली इस वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ‘सम्राट की पुलिस’ जब अपनी तहकीकात पर आती है, तो जमीन के अंदर दफन गहरे राज भी बाहर आ जाते हैं।
सुबह का सन्नाटा और पुलिस की गाड़ियां: जब छावनी में बदला नरपतगंज,
आज रविवार, 17 मई 2026 के 12 बजे बजे दिन में, अररिया जिला अंतर्गत नरपतगंज प्रखंड के ग्रामीणों के लिए आम दिनों जैसी नहीं थी। काम के वक्त जब लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, अचानक बथनाहा थाना समेत कई थानों की पुलिस गाड़ियों के सायरन गूंजने लगे। भारी संख्या में पुलिस बल को नरपतगंज में निर्माणाधीन 720 शैय्या वाले डॉ. भीमराव अंबेडकर SC/ST +2 आवासीय विद्यालय के परिसर की तरफ बढ़ते देखा गया। देखते ही देखते पुलिस की गाड़ियों का काफिला आवासीय विद्यालय के मुख्य कंपाउंड के अंदर दाखिल हो गया। भारी पुलिस बल और आला अधिकारियों की मौजूदगी को देखकर आस-पास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। कौतूहल और आशंका से भरे ग्रामीण एक-एक कर विद्यालय परिसर के बाहर जुटने लगे। हर जुबान पर एक ही सवाल था— आखिर इस सरकारी भवन के अंदर ऐसा क्या हुआ है कि पुलिस को भारी दलबल के साथ आना पड़ा?

*खोदा गया गड्ढा और बाहर निकला खौफनाक सच*
कंपाउंड के भीतर का नजारा बेहद तनावपूर्ण था। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर आवासीय विद्यालय के परिसर के अंदर ही एक निश्चित स्थान पर खुदाई शुरू की गई। जैसे-जैसे मिट्टी हटाई जा रही थी, वहां मौजूद लोगों की सांसें थमती जा रही थीं। आखिरकार, जमीन के अंदर से एक मानव शव बरामद हुआ।
यह कोई सामान्य मौत का मामला नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया खौफनाक हत्याकांड था। सबसे हैरान करने वाली और क्रूर सच्चाई यह सामने आई कि जिस शख्स (पति) ने अपनी पत्नी की हत्या की थी, उसी ने खुद फावड़ा उठाकर गड्ढा खोदा था और साक्ष्य छुपाने के लिए अपनी ही जीवनसंगिनी के शव को उस निर्माणाधीन परिसर के अंदर दफना दिया था। पुलिस की मौजूदगी में उसी कब्र को दोबारा खोदा गया और मृतका के शव को बाहर निकाला गया।
*पूर्णिया से शुरू हुई थी इस खूनी खेल की स्क्रिप्ट*
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले के तार पड़ोसी जिले पूर्णिया के के नगर थाना क्षेत्र से जुड़े हैं। मामला तब प्रकाश में आया जब मृतका के लाचार पिता ने अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर के नगर थाना, पूर्णिया में एक लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी।
*पिता की लिखित शिकायत के मुख्य अंश:*
पूर्णिया जिले के के नगर थाना अंतर्गत ग्राम बेगमपुर कब्रिस्तान टोला (वार्ड नंबर 01) के स्थाई निवासी मोतीउर रहमान (45 वर्ष), पिता मोहम्मद जरजीज अली ने पुलिस को दिए आवेदन में अपनी व्यथा सुनाई थी। उन्होंने बताया था कि:शादी और दहेज का उत्पीड़न: लगभग 5 वर्ष पूर्व उनकी 23 वर्षीय पुत्री नुसरत प्रवीण का निकाह मुस्लिम रीति-रिवाज के साथ बेगमपुर कब्रिस्तान टोला के ही निवासी महबूब आलम (पिता मुस्ताक आलम) के साथ हुआ था। निकाह के बाद से ही पति महबूब आलम, सास फुस्कुन निशा, भैसूर (जेठ) मोहम्मद रमजान, देवर खुशबुर रहमान और ससुर मुस्ताक आलम द्वारा दान-दहेज को लेकर मृतका को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।बातचीत पर पाबंदी और गायब होने का शक: करीब दो महीने पहले दामाद महबूब आलम अपनी पत्नी (नुसरत) की विदाई कराकर अपने घर ले गया था। उसके बाद से ही उसने मायके वालों से नुसरत की बातचीत बंद करवा दी थी।
10 दिनों का रहस्य: पिता मोतीउर रहमान ने आवेदन में भावुक होते हुए लिखा था कि पिछले 10 दिनों से वे जब भी अपनी बेटी के ससुराल जाते या पता करते, तो उन्हें नुसरत के बच्चे तो दिखाई देते, लेकिन नुसरत कहीं नजर नहीं आती थी। पूछने पर ससुराल वाले लगातार टालमटोल और बहानेबाजी कर रहे थे। इसी संदेह के आधार पर पिता ने पुलिस को आवेदन देकर आशंका जताई थी कि उनके दामाद और उसके परिवार ने मिलकर उनकी बेटी के साथ मारपीट की है और उसे कहीं गायब कर दिया है।
*मामला पूर्णिया का, शव मिला अररिया में: पुलिस की त्वरित कार्रवाई*
यह मामला सीमावर्ती जिलों के बीच अपराधियों के शातिर दिमाग को दर्शाता है। वारदात को अंजाम पूर्णिया के के नगर थाना क्षेत्र में दिया गया, लेकिन शव को छुपाने के लिए आरोपी ने अररिया जिले के बथनाहा थाना अंतर्गत नरपतगंज के निर्माणाधीन आवासीय विद्यालय परिसर को चुना। आरोपी को लगा था कि निर्माणाधीन बड़ी बिल्डिंग के कंपाउंड में हो रहे काम के बीच किसी का ध्यान इस ओर नहीं जाएगा।
परंतु, “कानून के हाथ लंबे होते हैं” की कहावत चरितार्थ करते हुए पूर्णिया और अररिया पुलिस ने संयुक्त तकनीकी व वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए मामले की तह तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उसकी निशानदेही पर ही आज बथनाहा थाना पुलिस ने इस वीभत्स हत्याकांड का खुलासा करते हुए शव को कब्र से बाहर निकाला।
*इलाके में आक्रोश और पुलिस की पैनी नजर*
शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों में इस जघन्य अपराध को लेकर भारी आक्रोश है। पुलिस ने शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी पति पुलिस की गिरफ्त में है और आवेदन में नामजद अन्य आरोपियों (सास, ससुर, जेठ, देवर) की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह एक अक्षम्य अपराध है और स्पीडी ट्रायल चलाकर अपराधियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इस त्वरित और सटीक कार्रवाई के लिए स्थानीय लोग ‘सम्राट की पुलिस’ की मुस्तैदी की सराहना भी कर रहे हैं।






















