अररिया |
गृह मंत्रालय, भारत सरकार एवं आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार के निर्देशानुसार गुरुवार को अररिया शहर में एक भव्य नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। हवाई हमले और ‘ब्लैकआउट’ की परिस्थितियों पर आधारित इस युद्धाभ्यास ने शहर की आपातकालीन तैयारियों को तो परखा ही, साथ ही प्रशासन और आम जनता के बीच की अटूट एकजुटता को भी प्रदर्शित किया।
मॉक ड्रिल का मुख्य केंद्र शहर का सबसे व्यस्त माना जाने वाला बस स्टैंड , चांदनी चक क्षेत्र रहा। जैसे ही नागरिक सुरक्षा का सायरन गूंजा, पूरा नगर परिषद क्षेत्र अलर्ट मोड पर आ गया। चांदनी चौक और बस स्टैंड के आसपास के इलाकों में तत्काल ‘ब्लैकआउट’ लागू किया गया। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र अंधेरे की आगोश में समा गया। इस दौरान सड़कों पर चल रहे वाहनों के पहिए जहां के तहां थम गए और चालकों ने अपनी गाड़ियों की लाइटें बंद कर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया।
अभ्यास के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस बल और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें पूरी तरह मुस्तैद रहीं। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को सिखाया कि हवाई हमले या किसी अन्य आपात स्थिति में अफवाहों से कैसे बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण कैसे लें।
“इस अभ्यास ने जिले की आपदा प्रबंधन तैयारियों को मजबूती दी है। संकट की घड़ी में अररिया के नागरिकों ने जिस तरह अनुशासन और देशभक्ति का परिचय दिया, वह काबिले तारीफ है।”
— जिला प्रशासन
मॉक ड्रिल की सबसे बड़ी सफलता नागरिकों की सजगता रही। आम लोगों ने न केवल निर्देशों का पालन किया, बल्कि प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आए। जिला प्रशासन ने इस मॉक ड्रिल को पूर्णतः सफल घोषित करते हुए जनता के संयम और अनुशासित व्यवहार की सराहना की है। प्रशासन ने अपील की है कि भविष्य में भी सुरक्षा के प्रति इसी तरह की जागरूकता बनाए रखें।



















