– अररिया एसपी अमित रंजन ने कहा कि, की जायेगी कार्रवाई
नज़रिया न्यूज अररिया। विकाश प्रकाश।
कोडिनयुक्त कफ सिरप सहित नशा के विकल्प कितने जानलेवा है, या अब भी युवाओं के समझ में नहीं आ रहा है, अपने इकलौते पुत्र को खोने वाले संगीता देवी से पूछिये की वह अब कैसे जी पायेगी, क्योंकि उसका पति तो पहले ही छिन गया जिस पर आस थी उसका पुत्र भी नशे की भेंट चढ़ गया। वहीं अपने पुत्र को बचाने के लिए दी रीयर्थ नामक नशा मुक्ति केंद्र अररिया भेजा गया था। वहां भी निर्दयी नशा मुक्ति केंद्र संचालक ने पीट-पीट कर सौरभ की जान ले ली।
हालाकि मामले को लेकर सौरभ की मां संगीता देवी व चाचा पूर्व मुखिया अरुण यादव ने नगर थाना में आवेदन देकर नशा मुक्ति केंद्र संचालक के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पूर्व मुखिया श्री यादव ने बताया कि उनके द्वारा एसपी को भी आवेदन देकर इंसाफ की गुहार लगायी गयी है। इधर नजरिया न्यूज ने भी जब मामले की पड़ताल शुरू की तो पता चला कि सौरभ की मौत के बाद उसके साथ मौजूद चार अन्य मरीज भी नशा मुक्ति केंद्र में नहीं हैं।
जबकि नशा मुक्ति केंद्र भी बंद पाया गया। मामले में पता करने पर सौरभ के साथ भती फारबिसगंज थाना क्षेत्र के डाक हरिपुर वार्ड संख्या 03 में जब नजरिया न्यूज के एक संवाददाता पहुंचे तो घर के मुखिया व मो सरफराज के पिता मो कलीम की आंखें रुआंसी हो गयी। काफी समझाने के बाद जब उन्होंने अपने पुत्र मो सरफराज को घर से दो लोगों का सहारा लेकर बाहर निकाला, शरीर पर नशा मुक्ति केंद्र संचालकों द्वारा मार के निशान दिखाये गये तो वहां मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गये।
मो कलीम ने बताया कि उनके पुत्र को कोडिनयुक्त सिरप की लात लग गयी थी, किसी के सुझाव पर दी रीयर्थ नशा मुक्ति केंद्र पर भर्ती कराया गया।
लेकिन वहां तो मेरे पुत्र को ही मार डालता। 16 फरवरी की रात को उसके पुत्र को उसके घर से तीन किलोमीटर दूर ढोलबच्चा फोरलेन पर फेंक कर अररिया आरएस स्थित नशा मुक्ति केंद्र संचालक प्रह्म कुमार भाग गया। उसके बाद बेहोशी की हालत में पुत्र सरफराज को गमछा से बांध कर बाइक से किसी तरह से घर लाया हूं।
नशा मुक्ति केंद्र पर एक साथ चार बच्चों के साथ की गयी थी मारपीट। सौरभ ने जब तोड़ दिया दम, तो अन्य तीन को जैसे-तैसे घर के पास ले जाकर फेंका गया।
एक साथ 04 बच्चों के बीच से सौरभ की मौत के बाद तीनों बच्चे भी नशा केंद्र संचालक के मार से हैं गंभीर, चल रहा है उनसभी का इलाज।
मो सरफराज ने जिस प्रकार से सौरभ की मौत से पर्दा उठाया है, इससे इंसाफ की उम्मीद जगी है।
आखिर कौन है ऋषु ?
निश्चय कुमार से अररिया आरएस के नशा मुक्ति केंद्र संचालक ऋषु का क्या संबंध है ? आखिर बचे बच्चों को उस तक कैसे पहुंचाया गया। पूर्णिया रामबाग का आर्यन अपने माता-पिता के पास कैसे पहुंचा डर से उसके परिजन कुछ बोलने के लिए भी क्यों नहीं तैयार हैं। आखिर ऋषु सामने आकर सच क्यों नहीं बता रहा है। यह सब बाते लोगों को अतरज में डाले हुये है। मो सरफराज के पिता मो कलीम में नशा मुक्ति केंद्र के दिये गये पर्ची को दिखाते हुए कहा कि उन्हें 16 फरवरी को अररिया आर एस के ऋषु का ही फोन आया था, बोला कि जहां नशा मुक्ति केंद्र चल रहा था, वहां मकान मालिक से अनबन हो गया है, अब कमरा नहीं देगा, आपके पुत्र को पहुंचा रहा हूं, आप फोरलेन के पास से उठा लीजिए, लेकिन हम लोग मेरे पुत्र को भी मरनासन्न स्थिति में फोरलेन पर ढोलकला के सामने फेक कर फरार हो गये।
केंद्र संचालक निश्चय के साथ चार अन्य भी करते थे मारपीट
मो सरफराज ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र में केंद्र संचालक निश्चय कुमार अलावा कानेत, छोटू विशाल एवं सुजीत सभी पूर्णिया निवासी भी उन चारों के साथ निर्देवता पूर्वक मारपीट करते थे। पहले रबर के पाइप से, फिर पानी के पाव्वारे से तो लात-घुसे से भी की जाती थी मारपीट, दर्द नहीं सहन होता था, तो बेहोश हो जाते थे. जब पानी मांगते थे तो पुनः की जाती थी मारपीट।
सौरभ के शव को लावारिश अवस्था में परिजनों ने सदर अस्पताल पूर्णिया से किया था बरामद।
पूर्व मुखिया अरुण यादव के भतीजा सौरभ के शब को 16 फरवरी को परिजनों ने
पूर्णिया स्थित सदर अस्पताल से लवारिस अवस्था में बरामद किया था. उसकी सूचना दी रीबर्थ नशा मुक्ति केंद्र के संचालक निक्षय कुमार ने ही अपने मोबाइल नंबर से फोन कर सौरभ के पूर्णिया में भर्ती होने की जानकारी दी।
अररिया एसपी अमित रंजन ने कहा कि, की जायेगी कार्रवाई
मो सरफराज, नशा मुक्ति केंद्र संचालक के द्वरा मारपीट में मौत मामले की जांच की जाएगी, अगर पीड़ित पछ के द्वारा नगर वाना वा कहीं भी आवेदन दिया गया है तो मामले की जांच कर दोषियों चिन्हित कर विधि सवत कार्रवाई की जायेगी।
हालांकि निश्चय ने कई कहानी भी गढ़ी लेकिन आखिरकार उसका काला कारनामा उजागर हो ही गया, सरफराज ने जिस प्रकार से सौरभ की मौत से पर्दा उठाया है, उससे एक बार पुनः इंसाफ की उम्मीद जगी है। हालांकि सबकी नजर पुलिसिया कार्रवाई पर टिकी है।























