नगर पंचायत ठाकुरगंज, बहादुरगंज एवं पोआखली को शहरी क्षेत्र के रूप में प्रदर्शित करने की मांग
पुणे, मुंबई एवं सूरत में गैस आधारित उद्योगों के प्रभावित होने एवं प्रवासी मजदूर के जिला आगमन की स्थिति में जिला प्रशासन को तैयार रहने का सचिव ने दिया निर्देश
वीरेंद्र चौहान नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज 1अप्रैल।
समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में निलेश रामचन्द्र देवरे, भा.प्र.से., सचिव, नागरिक उड्डयन -सह-पर्यटन विभाग की अध्यक्षता में गैस की आपूर्ति एवं वितरण से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान IOCL, BPCL एवं HPCL से संबंधित गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की गई, जिसमें जिला नोडल पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि जिले में कुल 33 एजेंसी कार्यरत हैं, IOCL की सर्वाधिक एजेंसियां कार्यरत हैं। बांका एवं पूर्णियां जिलों से आने वाली गैस आपूर्ति तथा सड़क आपूर्ति श्रृंखला के बारे में चर्चा की गई।
कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों एवं उनके संधारण हेतु रजिस्टर में प्रविष्टि की व्यवस्था की समीक्षा की गई तथा इसे और सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया गया। वाणिज्यिक (कमर्शियल) गैस सिलेंडरों की उपलब्धता पर विशेष रूप से चर्चा करते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी (DSO) को निर्देशित किया गया कि हॉस्टल, हॉस्पिटल, सरकारी स्कूल आदि संस्थानों में गैस की कमी के कारण किसी प्रकार की गतिविधि बाधित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
जिलाधिकारी विशाल राज के द्वारा जानकारी दी गई कि आवश्यक वस्तुओं से संबंधित अनियमितताओं को लेकर कल दिनांक 31 मार्च को 46 प्रतिष्ठानों में छापेमारी (रेड) की गई है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर रोक लगे।
कृषि विभाग से संबंधित समीक्षा के क्रम में खाद्य उर्वरक जैसे यूरिया, डीएपी आदि की उपलब्धता, उठाव एवं वितरण की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही फसल क्षति के एवज में मुआवजा वितरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जिले में लगभग 7000 हेक्टेयर में चाय की खेती एवं 3000 हेक्टेयर में पाइनएप्पल की खेती की जाती है, साथ ही कुल एक लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में कृषि कार्य होता है तथा जिले में तीन कोल्ड स्टोरेज संचालित हैं।
ऊर्जा विभाग के अंतर्गत ठाकुरगंज ग्रिड के संचालन की स्थिति पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले में खाद्यान्न, आटा, उर्वरक, गैस आदि आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
बैठक में प्रवासी श्रमिकों (माइग्रेंट) की वापसी की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए सचिवनिलेश रामचन्द्र देवरे
ने बताया कि अन्य राज्यों में गैस से संबंधित उद्योगों के प्रभावित होने के कारण श्रमिकों के वापस आने की स्थिति बन रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे श्रमिकों के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के प्रति जिला प्रशासन सजग रहे।
जीविका समूहों के अंतर्गत संचालित ‘दीदी की रसोई’ में शत-प्रतिशत गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों तथा शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों के पश्चात पुनः गैस बुकिंग की व्यवस्था लागू है।
बैठक में किशनगंज जिले के तीनों नगर पंचायत—ठाकुरगंज, बहादुरगंज एवं पोआखली—को शहरी क्षेत्र के रूप में प्रदर्शित करने की मांग का मुद्दा भी उठाया गया।
सचिव निलेश रामचन्द्र देवरे,
ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता में आ रही समस्याओं के समाधान हेतु एरिया मैनेजर से समन्वय स्थापित करने का निर्देश जिलाधिकारी को दिया। साथ ही अन्य राज्यों जैसे पुणे, मुंबई एवं सूरत में गैस आधारित उद्योगों के प्रभावित होने एवं प्रवासी मजदूर के जिला आगमन की स्थिति में जिला प्रशासन को तैयार रहने का निर्देश दिया गया।
बैठक के उपरांत सचिव निलेश रामचन्द्र देवरे द्वारा जिले में स्थापित समाहरणालय परिसर स्थित आपदा प्रबंधन कार्यालय में संचालित कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया गया।
बैठक में एडीएम अमरेन्द्र कुमार पंकज, एडीएम आपदा प्रबंधन, एडीएम विभागीय जांच, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।





















