नजरिया न्यूज़,
जोकीहाट :अररिया। लगातार बारिश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार वर्षा के बाद बकरा, कनकई और परमान नदियों के तेज कटाव ने जोकीहाट प्रखंड के कई गांवों में दहशत का माहौल बना दिया है। खिखरमानी गांव के चौधरी टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय पहले ही नदी में समा चुका है, जबकि अब कई घर और जामा मस्जिद भी कटाव की जद में आ गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार मो. मोजिब, मोइन, मुजाहिद, जाहिद और इश्फाक के घर नदी से महज 15 मीटर की दूरी पर हैं। वहीं रहरिया, मझवा, मटियारी, फरसाडांगी, गोगरा, घोड़मारा और महजाली सहित कई गांवों में खेत और आबादी खतरे में है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया कि वर्षों से पाइलिंग, पत्थर पिचिंग और गाइड बांध निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों का आरोप है कि कटाव रोकने के नाम पर केवल औपचारिक कार्य किए गए हैं।
कटाव पीड़ितों ने विधायक मुर्शिद आलम से मिलकर स्थायी कटावरोधी कार्य की मांग की। विधायक ने बताया कि मामला विधानसभा में उठाया गया है और जल संसाधन विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। ग्रामीणों ने सरकार से तत्काल कटावरोधी परियोजना, पुनर्वास और किसानों की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।





















