महानंदा लीफ चायपत्ती उत्पादन बढ़ाने का दिया निर्देश
किशनगंज की जीविका दीदियां कर रही टी फैक्ट्री का संचालन।
यह गर्व और ख़ुशी की बात : सीईओ जीविका
वीरेंद्र चौहान नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज,12मार्च।
जीवका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा ने पोठिया स्थित टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई का निरीक्षण कर इस सीजन महानंदा लीफ चायपत्ती उत्पादन कार्य प्रगति की जानकारी प्राप्त की. पिछले सीजन (अगस्त-दिसंबर 2025) में लगभग डेढ़ लाख किलो महानंदा लीफ चायपत्ती के उत्पादन पर उन्होंने संतोष जाहिर किया.
उन्होंने कहा कि चायपत्ता की खेती और पत्ता तोड़ने के कार्य से जुड़ी किशनगंज की जीविका दीदियां अब टी फैक्ट्री का संचालन कर रही हैं. यह बहुत ख़ुशी और गर्व की बात है. बिहार सरकार कैबिनेट के फैसले से टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया किशनगंज के संचालन की जिम्मेदारी जीविका दीदियों को दी गई है. इस सीजन दस लाख किलो महानंदा लीफ चायपत्ती उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई का संचालन कार्य देख रही महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लि. के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की जीविका दीदियों के साथ बैठक कर आगे की कार्य-योजना पर विस्तार से चर्चा की. जीविका सीईओ ने महानंदा लीफ चायपत्ती उत्पादन के लिए किसान जीविका दीदियों से चायपत्ता की खरीद, चायपत्ती प्रोडक्शन, पैकेजिंग, मार्केटिंग, ब्रांडिंग इत्यादि पर रणनीति बनाकर, विशेष कार्य-योजना की रुपरेखा पर विस्तार से चर्चा किया. उन्होंने चायपत्ती की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया.

किशनगंज, बिहार -* महिला दीदियों के समूह ने अगस्त 2025 से दिसंबर 2025 तक 6 लाख 86 हजार 251 किलो चाय पत्ती की खरीदारी करके टी फैक्ट्री में 1 लाख 55 हजार 639 किलो चाय पत्ती तथा फरवरी 2026 तक लगभग 84 हजार किलो चाय पत्ती की बिक्री की करके लगभग 1 करोड़ 48 लाख रुपये का रिकॉर्ड बिजनेस किया-नजरिया न्यूज किशनगंज।
चायपत्ता की खेती से जुड़ी जीविका दीदियों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर देने की बात कही. इस मौके पर जीविका की अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा उपस्थित थीं. डीपीएम जीविका अनुराधा चंद्रा एवं जीविका कर्मी उपस्थित थे. 25 अप्रैल 2025 को बिहार राज्य कैबिनेट ने टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया को जीविका को सौंपने की सहमति दी. 27 अप्रैल 2025 को डी०आर०डी०ए० किशनगंज के द्वारा कारखाने को औपचारिक रूप से संचालन हेतु जीविका को सौंप दिया गया . तत्पश्चात जीविका किशनगंज द्वारा महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लि. को टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया के संचालन की जिम्मेदारी सौंप दी गई. महानंदा एफपीसी किशनगंज जिले के तीन प्रखंड पोठिया, ठाकुरगंज और किशनगंज सदर में कार्यरत है। वर्तमान में, महानंदा एफपीसी में 737 शेयरधारक हैं. एफपीसी से जुड़ी सभी महिलाएँ, जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं. ये सभी दीदियाँ चाय पत्ता की खेती और पत्ता तोड़ने के काम से जुड़ी हैं। कंपनी का संचालन शेयरधारकों द्वारा चुने गए 6 सदस्यीय निदेशक मंडल द्वारा किया जाता है। महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लि. द्वारा संचालित टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया किशनगंज में सीधे तौर पर 45 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है. जिसमें 21 महिलाएँ और 24 पुरुष कर्मी हैं. विभिन्न पदों पर काम कर रहे इन कर्मियों की तनख्वाह 10 हजार रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक है. लगभग अठारह सौ किसानों से चाय पत्ता की खरीद की जा रही है. इन किसानों का चाय पत्ता विभिन संग्रहण केंद्रों के माध्यम से 45 किसान संग्रहकों द्वारा टी फैक्ट्री में बेचा जा रहा है. किसानों को 7 दिनों के अंदर उनके बैंक खाते में चाय पत्ता की कीमत अंतरण की जा रही है. महानंदा एफ.पी.सी. द्वारा अगस्त 2025 माह से दिसंबर 2025 माह तक 6 लाख 86 हजार 251 किलो चाय पत्ता खरीदा किया गया . टी फैक्ट्री में अब तक 1 लाख 55 हजार 639 किलो चाय पत्ती तैयार किया गया है. फरवरी 2026 तक लगभग 84 हजार किलो चाय पत्ती की बिक्री की गई है. जिससे लगभग 1 करोड़ 48 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है.






















