अररिया – बिहार सरकार के सात निश्चय-3.0 के तहत संचालित सात निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ कार्यक्रम अंतर्गत समाहरणालय स्थित परमान सभागार में ‘जनता के दरबार में जिलाधिकारी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन ने की।
जनता दरबार में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 101 मामले सामने आए। जिनमें भूमि विवाद से जुड़े मामले अधिक रहे। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी फरियादियों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया।
- जनता दरबार में श्यामानंद शर्मा ने डीएसएलआर कोर्ट के आदेश
जनता दरबार में श्यामानंद शर्मा ने डीएसएलआर कोर्ट के आदेश का रानीगंज अंचल अधिकारी द्वारा अनुपालन नहीं करने की शिकायत की। सुलोचना देवी ने भूमि बंदोबस्त कराने की मांग की, जबकि अजय कुमार ने भूमि मापी से संबंधित आवेदन दिया। श्यामलाल पासवान ने चौकीदार एवं दफादार को एसीपी-एमएसीपी का लाभ नहीं दिए जाने की शिकायत की गई। 
इसी प्रकार दुर्गेद्र कुमार झा ने अधिक बिजली बिल की शिकायत दर्ज कराई। वहीं बेचन पासवान ने अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं मिलने की समस्या उठाई। जुलेखा देवी ने भूमि विवाद का मामला प्रस्तुत किया, जबकि संजू देवी ने वासगित पर्चा निर्गत करने की मांग रखी।
जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनता दरबार के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना ही जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता अररिया, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, भूमि सुधार उप समाहर्ता अररिया एवं फारबिसगंज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे तथा कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया गया, जबकि शेष मामलों को शीघ्र समाधान हेतु संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।



















