अरुण सिंह, संवाददाता नजरिया न्यूज,7अगस्त।
भाजपा S.I.R को लागू करके संविधान का ही विरोध कर रही है। यह बात उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री , सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कही।श्री अखिलेश ने अपने ह्वाट्सएप चैनल पर एक पोस्ट में कहा:”जबकि हमारे द्वारा S.I.R का विरोध ‘संविधान’ को ही बचाने की कोशिश है। ये हारती हुई भाजपा की निशानी है। जनता भाजपा के ख़िलाफ़ वोट न डाल सके, इसीलिए वो जनता से वोट देने का अधिकार छीनना चाहती है”।
वर्चस्ववादी भाजपा की एकतंत्री विचारधारा में चुनाव की अवधारणा है ही नहीं। वहाँ तो मनमर्ज़ी का मनोनयन चलता है।
घोर निंदनीय!






















