= अब-तक 1.5 करोड़ दीदियां लखपति बन गई हैं: शिवराज सिंह चौहान
=10 लाख से ज्यादा आय के साथ मिलेनियर दीदियों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है: शिवराज सिंह चौहान
15 अगस्त तक देश में 2 करोड़ ‘लखपति दीदियां’ होंगी: शिवराज सिंह चौहान
विवेचना -लखपति दीदी अर्थात स्वयं सहायता समूह की वह महिला सदस्य जिनकी वार्षिक आय एक लाख से अधिक धन, जमीन, घर, या किसी भी प्रकार की लाख से अधिक संपत्ति हो ।”लखपति” शब्द का उपयोग अक्सर उन लोगों के लिए किया जाता है जो आर्थिक रूप से सफल हैं और जिनके पास पर्याप्त संपत्ति है।
उदाहरण के लिए, “लखपति दीदी” योजना का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को 1 लाख रुपये या उससे अधिक की वार्षिक आय प्राप्त करने में मदद करना है…
प्रतिभा सिंह, नजरिया न्यूज संवाददाता दिल्ली, 20जुलाई।
19जुलाई को पीआईबी की एक पोस्ट के अनुसार,केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जूनागढ़, गुजरात में भारतीय मूंगफली अनुसंधान संस्थान का निरीक्षण किया, कार्यों की समीक्षा की और किसानों व स्वयं सहायता समूहों की दीदियों से संवाद किया।
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 10 लाख से अधिक आय प्राप्त करने वाली 50 लखपति दीदियों की सफल प्रेरणादायी कहानियों के संकलन का प्रकाशन किया। साथ ही संस्थान के वार्षिक प्रतिवेदन 2024 का विमोचन भी किया।
सही कौशल प्रशिक्षण, बैंक से उचित ऋण व आवश्यक सुविधाओं के लाभ से बदल रही परिवारों की जिंदगी…
केंद्रीय कृषि मंत्री ने लखपति दीदियों को रक्षाबंधन की बधाई देते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों की बहनों को लखपति बनाना सरकार का संकल्प है। प्रत्येक महिला स्वावलंबी, आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनें, इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किए जा रहे हैं।
श्री शिवराज सिंह ने कहा कि अब-तक 1.5 करोड़ दीदियां लखपति बन गई हैं। 15 अगस्त तक 2 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। देश में अब सिर्फ लखपति दीदी ही नहीं बल्कि 10 लाख से ज्यादा आय के साथ मिलेनियर दीदियों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि लैंगिक भेदभाव को कम करने और सामाजिक बदलाव की दिशा में स्वयं सहायता समूहों की बहनें परिवर्तन की नई कहानियां लिख रही हैं। यह महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का भी संकल्प है कि देश की महिलाएं अधिक से अधिक संख्या में आर्थिक गतिविधियों में भूमिका निभाएं।
आगे उन्होंने कहा कि गांव में महिलाओं को यदि सही कौशल प्रशिक्षण, बैंक से उचित ऋण व आवश्यक सुविधाएं प्राप्त हो जाए, तो वह चमत्कार कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि देश के उत्पादों को लोकल से वोकल बनाने में लखपति दीदियां ऐतिहासिक भूमिका निभा रही हैं।
अंत में महिलाओं के योगदान की प्रशंसा और हौसला बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘आप हिम्मत से आगे बढ़ते रहिए। आपकी हरसंभव मदद के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी स्वयं आपके साथ खड़े हैं। उद्योग जगत में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है। महिलाओं के परिश्रम से ही विकसित भारत का निर्माण होगा। भावी भविष्य के लिए आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।






















