= बिहार में सभी वर्ग के मतदाता एकजुट होकर भाजपा के वोटबंदी को नहीं चलने देंगे : तेजस्वी यादव
किशनगंज लोकसभा क्षेत्र में अल्पसंख्यकों के दिग्गज नेता अख्तरुल ईमान ने वोटबंदी का दिया साथ
भारत निर्वाचन आयोग का दावा-बिहार एसआईआर,14 दिनों में लगभग आधे फॉर्म एकत्र, शेष 17 दिन शेष
वीरेंद्र चौहान/बीरेंद्र पांडेय, नजरिया न्यूज, 10जुलाई।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले, मतदाता सूची सत्यापन के खिलाफ महागठबंधन ने बुधवार को बिहार में चक्का जाम कर दिया है। पटना में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव समेत महागठबंधन के सभी बड़े नेता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और भारत निर्वाचन आयोग तथा मोदी सरकार के वोट चोरी के षड्यंत्रों का खुलासा किया। किशनगंज सहित सभी जिलों में आम आवाम चुनाव आयोग के निर्णय पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि 2025के पहले के सभी मतदाताओं के पहचान पत्रों क़ो रद कर दिया गया है। विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र में दर्ज पता और जन्म तिथि को भारत निर्वाचन आयोग ने मान्यता नहीं दी है। मनरेगा और राशन कार्ड को भी मान्यता भारत निर्वाचन आयोग ने नहीं दिया है।
लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के सभी नेताओं ने इसे वोटबंदी करार देते महाराष्ट्र सहित अन्य विधानसभा क्षेत्रों में सम्पन्न चुनावों में भारत निर्वाचन आयोग की कथित धांधली के सवाल की जानकारी मतदाताओं को देने की पहल की। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग और बिहार निर्वाचन आयोग सवालों का जवाब नहीं दे रहा है।
फिलहाल ,विपक्ष ने बिहार बंद को सफल बताया।बैंकों में भी हड़ताल रही।
पटना में राहुल, तेजस्वी और मुकेश सहनी जैसे दिग्गज नेताओं का जुटान हुआ। आयकर गोलबंर से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च किया गया। शहीद स्मारक के पास पुलिस की बैरिकेडिंग को तोड़ने की भी कोशिश की गई। राहुल गांधी मार्च और भाषण के बाद दिल्ली लौट गए।
राजधानी पटना के अलावा किशनगंज ,अररिया,गोपालगंज, दरभंगा, आरा, गया, सहरसा समेत कई जिलों में बंद समर्थकों का आम लोगों ने साथ देते हुए जमकर प्रदर्शन किया।
महागठबंधन में शामिल घटक दलों के अलावा एमआईएम
ने भी वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ बंद में शामिल हुआ। सभी लोगों ने गिरफ्तारी दी।पटना की सड़क पर राहुल गांधी, तेजस्वी यादव समेत अन्य दिग्गज नेता बंद को नेतृत्व प्रदान किया।
मुजफ्फरपुर में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को भी रोका गया। राहुल गांधी, सीबीआई माले, तेजस्वी यादव और अख्तरुल ईमान ने बिहार बंद को ऐतिहासिक बताया।
दूसरी ओर, मजदूर एवं कर्मचारी संगठनों ने भी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को बिहार समेत देश भर में बंद बुलाया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले से तय कार्यक्रम के तहत इस बिहार बंद को धार देने के लिए हवाई जहाज से पटना पहुंचे। पटना पहुंचने के बाद राहुल गांधी आयकर गोलंबर पर पहुंचे। इनकम टैक्स गोलंबर पर पहले से ही बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मौजूद थे। यहां महागठबंधन के कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ा हुआ था। इसके बाद तेजस्वी यादव, राहुल गांधी, दीपांकर भट्टाचार्य और मुकेश सहनी जैसे दिग्गज नेता एक वाहन पर सवार होकर मार्च के लिए निकले। गाड़ी पर दिग्गज नेताओं के साथ पटना की सड़क पर कार्यकर्ता लगातार पैदल मार्च कर रहे थे।

बिहार -पटना में भारत निर्वाचन आयोग के मनमानी निर्णय के विरोध में सड़क पर प्रदर्शन करते मतदाता और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता-नजरिया न्यूज
पैदल मार्च करते हुए यह हुजूम शहीद स्मारक पहुंचा। यहां निर्वाचन कार्यालय से कुछ दूर पहले ही पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी।
इस दौरान महागठबंधन के नेताओं ने अपने संबोधन में भारत निर्वाचन आयोग की मनमानी उजागर की।
लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी और राजद के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि मतदाताओं के अधिकार को छीनते हुए वोट देने वंचित करने का षड्यंत्र मोदी और शाह के इसारे पर भारत निर्वाचन आयोग ने किया है बच्चे से लेकर बूढ़े तक तथा महिलाओं के पास उपलब्ध आधार कार्ड, राशनकार्ड, मनरेगा कार्ड को अमान्य करार दिया गया है।
भारत निर्वाचन आयोग का दावा -बिहार एसआईआर,14 दिनों में लगभग आधे फॉर्म एकत्र, शेष 17 दिन शेष
08 जुलाई 2025 की शाम 6 बजे तक एसआईआर की प्रगति को देखते हुए यह संभावना प्रबल है कि गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) एकत्र करने की प्रक्रिया अंतिम तिथि 25 जुलाई 2025 से पहले ही पूरी हो जाएगी। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सुचारू रूप से चल रहा है और अब तक 3,70,77,077 गणना प्रपत्र, यानी कुल 7,89,69,844 (लगभग 7.90 करोड़) मतदाताओं के मुकाबले 46.95% फॉर्म एकत्र किए जा चुके हैं (शाम 6 बजे तक) — यह प्रगति एसआईआर आदेश जारी होने के 14 दिनों के भीतर हुई है।
पिछले दो सप्ताहों में 7.90 करोड़ प्रपत्र छापे गए और उनमें से 97% से अधिक (7,70,44,990 फॉर्म) मतदाताओं को वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 18.16% फॉर्म ECINET पर अपलोड किए जा चुके हैं। बड़ी संख्या में संभावित मतदाता गणना प्रपत्र के साथ अपनी पात्रता से संबंधित दस्तावेज़ भी जमा कर रहे हैं, जैसा कि 24.06.2025 के एसआईआर आदेश में उल्लिखित है।
अब लक्ष्य शेष आधे गणना प्रपत्र और पात्रता दस्तावेज़ों को एकत्र करने का है, जिसके लिए अभी भी 17 दिन शेष हैं। बीते 24 घंटों (यानी कल शाम 6 बजे से आज शाम 6 बजे तक) में 82,78,617 गणना फॉर्म एकत्र किए गए हैं, जो एक ही दिन में 10.5% की प्रगति को दर्शाता है। यदि यह गति बनी रहती है, तो यह कार्य निर्धारित समय-सीमा से पहले ही पूरा किया जा सकता है।
फील्ड में 20,603 नए बीएलओ की जुड़ने से यह प्रक्रिया और तेज हुई है। पहले से ही कुल 77,895 बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं की मदद कर रहे हैं, फॉर्म भरवा रहे हैं और उन्हें एकत्र कर रहे हैं। बीएलओ द्वारा तीन निर्धारित दौरों में से पहला दौरा पूरा कर लिया गया है और दूसरा दौरा जारी है।
लगभग 4 लाख स्वयंसेवक — जिनमें सरकारी कर्मचारी, एनसीसी कैडेट, एनएसएस सदस्य आदि शामिल हैं — बुजुर्गों, दिव्यांगों, बीमार और कमजोर वर्ग के लोगों को एसआईआर प्रक्रिया में सहयोग देने हेतु कार्यरत हैं।
इसके अतिरिक्त, सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ, 963 एईआरओ, 38 जिला निर्वाचन पदाधिकारी और राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भी मतदाताओं को फॉर्म जमा करने में मदद कर रहे हैं।
सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों ने बीएलए की नियुक्तियों में तेजी लाई है और वे सक्रिय रूप से जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। अब तक 1,56,626 बीएलए नियुक्त किए जा चुके हैं, जो अभियान शुरू होने के समय 1,38,680 थे। मैनुअल ऑफ इलेक्टोरल रोल की धारा 25.2.1 के अनुसार, वे अभी भी और बीएलए नियुक्त कर सकते हैं।






















