कुशेश्वरस्थान दरभंगा :
श्रीराम कथा हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। इस कथा के श्रवण से प्रभु श्री राम की कृपा प्राप्त होती है। जहां राम की कृपा होती है वहीं राम की कथा होती है। जहां राम की कथा होगा वहीं प्रभु श्री राम के भक्त रहते हैं। उक्त बातें मधुबन गांव में आयोजित श्रीराम कथा के प्रथम दिन हरिद्वार स्थान के महंत श्री श्री 108 कमल नारायण जी महाराज ने कही। उन्होंने कहा कि जो मनुष्य सच्चे मन से श्रीराम कथा का श्रवण करते हैं। उसका सभी पापों का नाश हो जाता है। तुलसीदास जी ने भी कहा है कि कलयुग केवल नाम आधार। प्रभु श्रीराम के नाम का उच्चारण और श्रवण से ही इस कली काल में मनुष्य का उद्धार निहित है। कहा कि अनेकों सत्कर्म के बाद ही मनुष्य का जीवन मिलता है। इसे यूं ही व्यर्थ में नहीं गंवाना चाहिए। भगवान श्री राम जैसा चरित्र इस संसार में पैदा नहीं हुआ है। उनके नाम में इतनी शक्ति है कि अगर सच्ची भक्ति और निष्ठा से उनका नाम पत्थर पर लिखने से वह पत्थर पानी में भी तैरने लगती है। राम कथा से हर जीव की व्यथा दूर हो जाती है। संसार के सभी जीवों का कल्याण राम कथा के श्रवणपान से ही हो पाएगा। कथा के बीच बीच में प्रसंग आधारित संगीतमय भजन कीर्तन से पंडाल में उपस्थित श्रोता भक्ति के सागर में गोते लगाते रहे। इससे पहले गाजे बाजे के साथ भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई।151 महिला एवं कुंवारी कन्याएं कथा पंडाल से चलकर कमला नदी के तट पर पहुंचे और मंगल कलश में पवित्र जल लेकर नगर भ्रमण करते हुए कथा पंडाल पहुंचे। जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश स्थापित किया गया। इस दौरान जय श्री राम,हर हर महादेव, धर्म का जय हो, अधर्म का नाश हो,जगत का कल्याण हो के नारे से वातावरण गुंजायमान हो रहा था। कलश शोभायात्रा में पंचायत के मुखिया अविनाश कुमार चंचलआजाद, बजरंग दल के जिला संयोजक सुभाष शर्मा भगवाधारी, प्रदीप यादव,राम शंकर यादव, मनोज मालाकार, रंधीर यादव, सोनू मुखिया, मोहन मालाकार सहित भारी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।























