नजरिया न्यूज़, विकाश प्रकाश अररिया (बिहार)। जिले के पलासी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 17 वर्षीय किशोर के अपहरण के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। हालांकि, अररिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के महज 10 घंटों के भीतर इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दो विधि-विरुद्ध बालकों (नाबालिगों) को पुलिस ने अपनी कस्टडी में लिया है। घटना के बाद से ही स्थानीय सामाजिक परिवेश में किशोरों के बीच बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति को लेकर लोग हैरान और चिंतित हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 19 मई 2026 को पलासी थानांतर्गत ग्राम कनसखुदिया से एक 17 वर्षीय किशोर (विशाल कुमार महतो) के अचानक लापता/अपहरण होने की सूचना पुलिस को मिली थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए पलासी थाना कांड संख्या-212/2026 दर्ज किया। मामला एक नाबालिग के अपहरण से जुड़ा होने के कारण पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP), अररिया के दिशा-निर्देशन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), अररिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए वैज्ञानिक/तकनीकी अनुसंधान और मानवीय सूत्रों (Local Intelligence) का सहारा लिया। सघन जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर दो स्थानीय नाबालिगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया और उनकी निशानदेही पर जो सच सामने आया, उसने सबके होश उड़ा दिए।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए दोनों नाबालिगों की निशानदेही पर चंडीपुर चरानी के बांसबट्टी (बांस की झाड़ियों) से अपहृत विशाल कुमार महतो का शव बरामद किया गया। आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए वारदात में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार (दबिया) को शव से करीब 50 मीटर दूर एक पानी के गड्ढे में फेंक दिया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। इसके अलावा, एक आरोपी के घर के पास से मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात से जुड़े निम्नलिखित साक्ष्य और सामान जब्त किए हैं: हत्या में प्रयुक्त हथियार (दबिया) घटना में प्रयुक्त मोबाइल घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (दोपहिया वाहन) मृतक का मोबाइल। इस त्वरित और सफल उद्भेदन में पलासी थानाध्यक्ष पु०नि० मिथिलेश कुमार के साथ पु०अ०नि० रौशन कुमार, पु०अ०नि० मिथुन कुमार शर्मा, स०अ०नि० विजय कुमार यादव सहित जिला पुलिस के जवान (सुरेंद्र कुमार, धनौती कुमारी, पूजा कुमारी, लक्ष्मी मंडल और कुंदन कुमार) शामिल थे।
इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज 17 वर्ष के किशोर की हत्या और इस जघन्य अपराध में खुद नाबालिगों (विधि-विरुद्ध बालकों) की संलिप्तता यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर हमारी युवा पीढ़ी किस दिशा में जा रही है? छोटी-मोटी आपसी रंजिश या किसी अन्य कारण से उपजा आक्रोश इस कदर हावी हो रहा है कि किशोर उम्र के बच्चे भी कानून हाथ में लेने से नहीं हिचक रहे हैं। स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि सामाजिक स्तर पर बच्चों की काउंसलिंग और उनके बदलते व्यवहार पर नजर रखना आज के समय में बेहद जरूरी हो गया है।अररिया पुलिस का संदेश: > अररिया पुलिस ने इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। पुलिस प्रशासन ने साफ कहा है कि “अररिया पुलिस आपकी सेवा में सदैव तत्पर है” और क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अनुसंधान जारी है।






















