भेदभाव पर अंकुश लगाने वाले कानूनों की भी वक्ताओं ने दी जानकारी
बीरेंद्र पांडेय* *शिक्षा संवाददाता नजरिया न्यूज, किशनगंज,19 मई 2026।
कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय, पुराना खगड़ा, किशनगंज में जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन एवं वन स्टॉप सेंटर, किशनगंज द्वारा आज कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय, पुराना खगड़ा में बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकार, सुरक्षा तथा सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी वक्ताओं ने प्रमुखता से दी ।
इस अवसर पर महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा, जेंडर आधारित हिंसा, बाल संरक्षण, बाल विवाह रोकथाम, माहवारी स्वच्छता, लैंगिक समानता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा भी वक्ताओं द्वारा की गई।किशोरियों को बताया गया कि समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव, हिंसा या उत्पीड़न स्वीकार्य नहीं है और इसके विरुद्ध कानूनी सहायता उपलब्ध है। माहवारी स्वच्छता अभियान के तहत जागरूकता हेतु सभी बालिकाओं के बीच माहवारी स्वच्छता किट का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल हरासमेंट) से संबंधित जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि किसी भी प्रकार का गलत स्पर्श, अभद्र टिप्पणी, मानसिक प्रताड़ना, पीछा करना अथवा मोबाइल एवं सोशल मीडिया के माध्यम से किया गया ऑनलाइन उत्पीड़न कानूनन अपराध है। महिलाओं एवं बालिकाओं को बिना डर अपनी शिकायत दर्ज कराने तथा सहायता सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
साथ ही POSH Act एवं POCSO Act से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी सरल भाषा में दी गई, ताकि महिलाएँ एवं बच्चे अपने अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सकें।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं—
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना एवं बेरोजगारी भत्ता योजना के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित सहायता सेवाओं—
महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 एवं वन स्टॉप सेंटर की जानकारी भी कार्यक्रम में साझा की गई।
इसके अतिरिक्त यह जानकारी भी दी गई कि वन स्टॉप सेंटर, किशनगंज में महिलाओं एवं बालिकाओं को चिकित्सा, कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं अस्थायी आश्रय जैसी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।






















