पियूष रंजन सिंह, नजरिया न्यूज, विशेष संवाददाता, पूर्णिया, 24जनवरी।
पत्रकार प्रशांत टंडन ने कंफर्ट जोन कैच वर्ड शब्द का उपयोग करते हुए राम जन्म भूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान और राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की समीक्षा करते हुए कहते हैं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनों के बीच में हैं और राहुल गांधी भाजपा शासित सरकार असम हैं। राहुल गांधी की न्याय यात्रा से भाजपा शासित राज्य असम में लोग जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लोग नहीं जुड़ रहे हैं। भाजपा जुड़ रही है। सवाल उठता है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्या इसकी भनक है। इसीलिए उन्होंने भाजपा के दिग्गज नेताओं को दूसरे मंदिरों में रामलला प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान उत्सव मनाने और स्वयं उतर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ रामलला प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में शामिल होने का निर्णय लिया होगा। नजरिया कुछ भी हो सकता है लेकिन सच्चाई यही है कि शबरी के राम की राम जन्म भूमि मंदिर अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के समय भाजपा के अधिकांश दिग्गज नेताओं, संगठन से जुड़े पदाधिकारियों और केंद्रीय मंत्रियों को कंफर्ट जोन से बाहर निकलने का कड़ा संदेश दिया है। यह ऐसा कड़ा संदेश शबरी के राम का पुजारी ही दे सकता है।
डीबी लाइन में राजीव कुमार कहते हैं: हमारी टीम राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय को कब्र रही है। असम में शंकर देव मंदिर में राहुल गांधी को नहीं जाने दिया गया तो वह धरना पर बैठ गए। उन्होंने कहा: आज एक ही व्यक्ति को मंदिर में जाने की अनुमति है। राजीव कुमार ने कहा: आप समझ सकते हैं: राहुल गांधी का सारा किसकी तरफ है। इस दौरान वे राहुल गांधी की धरना की तस्वीर दिखाते हैं और मेघालय में 22जनवरी को राहुल गांधी को सुनने के लिए उमड़ रही तस्वीर भी दिखाते हैं।
पत्रकार इकरार खान लाइव आकर जानकारी देते हैं कि राहुल गांधी श्री शंकर देव मंदिर में जिला प्रशासन की गाड़ी के साथ जाने के लिए आफर्मेशन देते हैं, जिला प्रशासन उस पर विमर्श करने के बाद स्थानीय सांसद और विधायक को श्री शंकरदेव मंदिर जाने की अनुमति देता है। राहुल गांधी वहीं बैठ जाते हैं। रघुपति राघव राजाराम का भजन एक-डेढ़ घंटे तक चलता है। उसके बाद राहुल गांधी की यात्रा आगे बढ़ती है। राहुल गांधी का सवाल: उन्हें मंदिर क्यों नहीं जाने दिया जा रहा है? इसका उत्तर जिला प्रशासन नहीं देता।
पत्रकार प्रशांत कुमार कहते हैं: 15-16वींशताब्दी में श्रीशंकरदेव जी असम में थे। वे उस समय निराकार भगवान की पूजा करने का संदेश दे रहे थे। ऐसे मंदिर में राहुल गांधी को जाने से रोकना और कांग्रेस के सांसद और विधायक को मंदिर में जाने देना भाजपा के पक्ष में संदेश बिल्कुल नहीं दिया होगा।
उत्तर प्रदेश से पत्रकार सुनील शुक्ला ने कहा: राहुल गांधी जिस प्रकार का विमर्श अपनी यात्रा में उठा रहे हैं, वह आज की आवश्यकता है।
रानीगंज – राजीव गांधी सेवा सदन पर बैंक का कब्जा! ग्रामीणों में उबाल, पंचायत व्यवस्था ठप
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