नजरिया न्यूज। भरगामा।
जिला समादेष्टा सह अग्निशमन पदाधिकारी के निर्देश पर भरगामा अग्निशमन टीम के द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में सोमवार को भरगामा प्रखंड के पैकपार पंचायत के विभिन्न वार्डों ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाया गया व लोगों को आग से बचाव के लिए पूर्वाभ्यास, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जानकारी दी गई।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने गर्मी के आइल समइया गे मईया.., हवा पछुआ बहेला गे.., खाना बने तो पानी रखो पास सहित अन्य गीत व नाटक के जरिए जागरूक किया गया। इसके अलावा फायर स्टेशन के अधिकारी व कर्मियों द्वारा मॉक ड्रिल के माध्यम से सिलेंडर में आग लगने पर उसपर काबू पाने के तरीकों को बताया गया। आमलोगों से भी यह प्रक्रिया कराई गई। मवेशियों के लिए आग से सुरक्षा के उपाय, खलिहान में अग्नि सुरक्षा पर ध्यान देने वाली बातों व घर में आग लगने से बचाव की भी जानकारी दी गई।
इन बातों पर ध्यान रखने की सलाह :-
कार्यक्रम में फूस के घर की दीवारों पर अनिवार्य रूप से मिट्टी का लेप लगाने की जानकारी दी गई। खपरैल मकान में रहने वाले लोगों को सुबह आठ बजे से पहले व शाम पांच बजे के बाद भोजन पकाने का सुझाव दिया गया। अग्निचालक सिपाही सुमन कुमार ने कहा कि खाना पकाते समय सिथेटिक कपड़ों से परहेज करें। घर में हमेशा ड्रम में पानी व छोटी बाल्टी में बालू भरकर रखें। रोशनी के लिए बैट्री वाले टार्च, इमरजेंसी आदि का प्रयोग करें। थ्रेसर चलाने में डीजल इंजन के समीप अनाज का बोझा नहीं रखें, बिजली के तार के किसी भी जोड़ को ढीला या खुला न छोड़ें, बिजली तार के जोड़ को कभी भी प्लास्टिक से नहीं बांधें, खलिहान के आसपास बीड़ी, सिगरेट न पीए और न ही किसी को पीने दें। बताया कि गैस सिलेंडर से आग की लपटें निकलते समय सूती कपड़े को पानी में भिगोकर लपटों को बंद कर देना चाहिए। सभी अपने-अपने घर में अग्निशमन विभाग का नंबर जरूर रखें, ताकि किसी भी प्रकार का हादसा होने पर समय पर मदद मिल सके।






















