नजरिया न्यूज़। भरगामा/अररिया।
बिहार में लागू शराबबंदी कानून के बावजूद शराब तस्करी और अवैध कारोबार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य में लगातार मध्य निषेध विभाग और उत्पाद पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है, लेकिन शराब माफिया नए-नए तरीके अपनाकर कारोबार को अंजाम देने में जुटे हैं। इसी बीच अररिया जिले के भरगामा प्रखंड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पंचायत के एक जनप्रतिनिधि पर ही शराब कारोबार में संलिप्त होने का आरोप लगा है।
मिली जानकारी के अनुसार भरगामा थाना क्षेत्र अंतर्गत पैकपार गांव निवासी एवं वर्तमान पैकपार पंचायत के सरपंच राजकुमार मेहता को उत्पाद विभाग की टीम ने विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सरपंच राजकुमार मेहता, पिता सिंहेश्वर मेहता, पैकपार गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पैकपार गांव स्थित एक नव निर्मित मकान में भारी मात्रा में विदेशी शराब छिपाकर रखी गई है। सूचना के आधार पर एक्साइज थाना पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। छापेमारी के दौरान मकान के पीछे खाली जगह में पन्नी से ढककर रखी गई शराब बरामद की गई। पुलिस ने मौके से कुल 16 पेटी विदेशी शराब जब्त की।
उत्पाद अधीक्षक निरंजन कुमार झा ने बताया कि बरामद शराब में कुल 165 लीटर शराब शामिल है। इसमें 84 लीटर बीयर एवं 81 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि शराब को काफी सुनियोजित तरीके से छिपाकर रखा गया था, लेकिन विभाग की सतर्कता के कारण पूरे मामले का खुलासा हो सका।
उत्पाद विभाग ने मौके से सरपंच राजकुमार मेहता को गिरफ्तार कर लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी काफी चर्चा है, क्योंकि पंचायत के जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति का नाम शराब कारोबार में सामने आना क्षेत्र के लिए गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।




















