नजरिया न्यूज़, भरगामा।
भरगामा प्रखंड क्षेत्र में बिजली चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए 11 केवी लाइन के करीब 18 पोलों से तीन फेज रैबिट तार काटकर चोरी कर लिया। इस घटना के बाद शंकरपुर फीडर से जुड़े तीन पंचायतों—शंकरपुर, कुसमौल एवं सिमरबनी—में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
घटना को लेकर कनिय विद्युत अभियंता अभिषेक कुमार ने भरगामा थाना में लिखित आवेदन देकर अज्ञात चोरों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह स्थानीय मानव बल द्वारा सूचना दी गई कि जिलेबिया मोड़ से पहले महथावा जाने वाली नहर के किनारे, राय टोला के पास मुख्य लाइन के करीब 18 पोल और ब्रांच लाइन के तीन पोलों से तीन फेज तार काटकर चोरी कर लिया गया है। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और जांच के दौरान घटना को सही पाया।
इतनी बड़ी दूरी तक तार चोरी होने से पूरा शंकरपुर फीडर ठप हो गया, जिसके कारण तीनों पंचायतों में अचानक अंधेरा छा गया। दिनभर बिजली नहीं रहने से घरेलू कार्यों के साथ-साथ किसानों की सिंचाई, छोटे व्यवसाय और पेयजल आपूर्ति पर भी गहरा असर पड़ा। ग्रामीणों ने इस घटना को लेकर आक्रोश जताते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
कनिय अभियंता ने अपने आवेदन में बताया कि इस चोरी से नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड को कुल 1 लाख 38 हजार 858 रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। साथ ही आपूर्ति बहाल करने के लिए विभाग को अतिरिक्त संसाधन और समय लगाना पड़ेगा।
घटना के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है। कर्मियों द्वारा क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन लंबी दूरी तक तार चोरी होने के कारण आपूर्ति बहाल होने में समय लग सकता है।
इधर, भरगामा थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि बिजली विभाग से आवेदन प्राप्त हुआ है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय तार चोर गिरोहों की पहचान की जा रही है तथा जल्द ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में बिजली तार और उपकरणों की चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान हो रहा है बल्कि आम लोगों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। लोगों ने प्रशासन से नियमित गश्ती बढ़ाने और चोरों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।





















