जीतू दास। नजरिया न्यूज। भरगामा।
प्रखंड मुख्यालय स्थित एक नर्सिंग होम में लोगों ने जमकर हो हंगामा किया। लोगों का आरोप था कि नर्सिंग होम के कर्मी की लापरवाही के कारण प्रसव के दौरान जच्चा बच्चा की मौत हुई। हो हंगामा पर संचालक नर्सिंग होम को बंद कर फरार हो गए। यही नहीं आक्रोशित लोगों ने भरगामा सैफगंज मुख्य मार्ग को बांस बल्ला लगाकर जाम कर दिया। प्रखंड विकास पदाधिकारी शशि भूषण सुमन, एएसआई गौरीशंकर यादव,मुखिया प्रतिनिधि लड्डू यादव ने लोगों को समझा बुझाकर जाम को समाप्त किया। बताया गया कि रघुनाथपुर उत्तर के वार्ड संख्या 12 निवासी बुन्देल ततमा की 40 वर्षीय पत्नी रंजू देवी को बुधवार को अपराह्न 1 बजे प्रसव पीड़ा के बाद भरगामा स्थित मुस्कान नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि प्रसव पीड़ा से छटपटा रही महिला के परिजनों से भर्ती कराने के एवज में नर्सिंग होम के कंपाउंडर के द्वारा फीस के नाम पर 50 हजार की राशि भी जमा करवाया। डिलीवरी की प्रक्रिया शुरु की गई। हलांकि चिकित्सक के नहीं रहने के कारण नर्स व कंपाउंडर के द्वारा हीं डिलीवरी कराने का असफल प्रयास जारी रहा।
जहां महिला की हालत बिगड़ती गई। स्थिति गंभीर होने पर निजी नर्सिंग होम से आनन-फानन में उसे रेफर कर दिया गया। परेशान परिजन एक बार पुनः उसे सदर अस्पताल अररिया ले गए। जबकि मरीज की स्थति बिगडते देख चिकित्सक ने हायर सेंटर पुर्णिया रेफर कर दिया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन महिला के शव को नर्सिंग होम के सामने रखकर हंगामा किया जबकि संचालक, नर्स व स्टाफ नर्सिंग होम बंद कर फरार हो गए। बताया गया कि नर्सिंग होम के अंदर भी अन्य मरीज बंद है। जबकि मृतक के परिजन व ग्रामीण नें सुकेला सैफगंज मुख्य सड़क को बांस बल्ला के सहारे जाम कर दिया जिससे दोनों ओर वाहनों की एक घंटे तक लंबी कतार लग गई। घटना की सूचना मिलने के बाद थानाध्यक्ष मनीष कुमार,एसआई प्रमोद नारायण सिंह, एएसआई गौरीशंकर यादव पुलिस बल नर्सिंग होम पहुंची और आक्रोशित लोगों को शांत कराया व स्थानीय लोगों के सहयोग से नर्सिंग होम के अंदर बंद मरीज को बाहर निकाला। एक घंटे के कडी मशक्कत के बाद यातायात बहाल किया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद थानाध्यक्ष मनीष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया। मृतका के पति व परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की लापरवाही से रंजू की मौत हुई है। रंजू की स्थिति खराब होती गई इसके बाद भी डॉक्टर ने रेफर नहीं किया और बिल बनाने के चक्कर में उसका इलाज करता रहा। जब स्थिती काफी खराब हो गई तब जाकर मरीज को रेफर कर दिया। जिससे उसकी मौत हो गई।
क्या कहते हैं चिकित्सा प्रभारी सुनील कुमार:- घटना के बाबत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरगामा के चिकित्सा प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि मुस्कान नर्सिंग होम के संचालक को रजिस्ट्रेशन के सारे कागजात दिखाने के निर्देश दिए गए लेकिन कभी भी रजिस्ट्रेशन से जुड़े कागजात नहीं दिखाए गए।
इधर भरगामा थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया नर्सिंग होम में महिला व बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के सामने शव को रखकर हो हंगामा कर रहे थे। जिसकी जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर नर्सिंग होम के अंदर बंद अन्य मरीज को ग्रामीण के सहयोग से बाहर निकाला गया। नर्सिंग होम संचालक व कर्मी फरार हो गये। मृतक के परिजन के बयान पर घटना की जांच की जा रही है। दोषियों पर विधिसम्मत कार्यवाई की जाएगी।
इधर प्रखंड विकास पदाधिकारी शशिभूषण सुमन घटनास्थल पर पहुंचकर मृतक के परिजन से मिलकर पिडित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दिया।






















