संवाददाता:- राजीव कुमार
नरपतगंज :- बिहार के विद्यालय में गुरू जी की मनमानी फिर से लौट आई है चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात ऐसा हिं एक मामला नरपतगंज प्रखंड बढ़ेपरा पंचायत के एक विद्यालय में देखने को मिला जब हमारी मिडिया की टीम रास्ते से गुजर रही थी तो प्राथमिक विद्यालय विद्यानन्द यादव टोला वार्ड संख्या 8 में समय 10 बज कर 5 मिनट पर विद्यालय के बच्चे खेल रहे थे देख कर आश्चर्य लगा जब हमारी मीडिया विद्यालय प्रांगण पहुंची तो विद्यालय में एक भी शिक्षक-शिक्षिका उपस्थित नहीं थी जब बच्चों से पूछा गया तो बच्चों ने बताया अभी तक गुरुजी नहीं आए हैं,
लगभग सवा 10 बजे एक शिक्षिका खुशबू कुमारी पहुंची तो उससे पूछे जाने पर केमरा के आगे कुछ भी बोलने से मना किया, कुछ दिन पूर्व विद्यालय के शिक्षक शिक्षिका जो रात के सपने में भी विद्यालय में हिं रहते थे सुबह उठने के साथ- साथ आनन-फानन में 9 बजे तक विद्यालय पहुंच जाते थे 9 बजे से 5 बजे तक विद्यालय में बैठे रहते थे और ज्यादा से ज्यादा शिक्षक शिक्षिका का कोशिश रहता था बेहतर शिक्षा बच्चों के दें, किया के के पाठक का जो नियम बना हुआ है उसको उक्त विद्यालय के शिक्षक शिक्षिका मुंह चिढ़ाती नजर आती है, जब शिक्षा विभाग के अपर सचिव के के पाठक ने शिक्षा की बेड़ा अपने कंधों पर उठाया था तो बिहार के गरीबों की उम्मीद जाग उठी थी कि अब हमारे बच्चे भी शिक्षा प्राप्त कर बड़ा मुकाम हासिल कर हमारे बच्चे कामयाब बनेंगे छोटे से कार्य काल मे पाठक जी द्वारा जो शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाया था वह उनका सराहनीय कार्य था, गौरतलब है की के के पाठक जैसे व्यक्तियों को शिक्षा विभाग में लगातार बने रहना जरूरी है तब बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार देखने को मिल सकता है,साढ़े दस बजे पहुंचे विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेन्द्र ऋषिदेवः ने बताया सब दिन समय पर आ जाते हैं लेकिन आज देर हो गई मिली जानकारी अनुसार उक्त विद्यालय के शिक्षक शिक्षिका की अपनी मनमानी चलती है जब मन करे तब आते जाते हैं,






















