नजरिया न्यूज। भरगामा।
भरगामा प्रखंड मुख्यालय स्थित आदर्श मध्य विद्यालय के प्रांगण में सर्वधर्म समन्वय सनातन भागवत परिवार के तत्वाधान में श्रीमद् भागवत कथा के नौवे दिन वृंदावन के से पधारे सर्व धर्म समन्वय सनातन भागवत परिवार के संस्थापक वृदावन मथुरा से आऐ श्रद्धेय श्रीमद्जगदगुरु सह कथावाचक सरल संत श्री नारायण दास देवाचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहां की भागवत जीवन का दर्पण है । यह जीवन की एक आदर्श संहिता है । इसके केवल श्रवण मात्र से ही कल्याण संभव नही है , बल्कि इसे आचरण में लाने पर ही भगवत फलदाई होगा। उन्होंने भागवत कथा की चर्चा करते हुए कहा भागवत कथा कोई वह्य वस्तु नहीं है, बल्कि वह प्रक्रिया है जिसे परमात्मा को अपने अंन्तर्घट में ही जाना जाता है। कहा परमात्मा का साक्षात्कार ही भागवत कथा श्रवण है। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि जब मनुष्य ईश्वर भक्ति के सनातन पुरातन मार्ग को छोड़कर मनमाना आचरण करने लगता है तो इससे धर्म के संबंध में अनेक भ्रांतियां फैल जाती है। धर्म के नाम पर विद्वेष , लड़ाई झगड़ा , भेदभाव , गलत आचरण होने लगता है । तब प्रभु अवतार लेकर इन बाह्य आडंबरों से त्रस्त मानवता में ब्रह्म ज्ञान के द्वारा प्रत्येक मनुष्य के अंदर वास्तविक धर्म की स्थापना करते हैं । इस दौरान कथावाचक ने कहा कि जिस तरह भगवान विष्णु का माता लक्ष्मी , श्री कृष्ण का राधा , श्री राम जी का सीता और भोलेनाथ का पार्वती सेवा करती है । ठीक उसी तरह हर महिलाओं को अपने पति और सास ससुर की सेवा करना चाहिए । उन्होंने कहा कि भगवान का नाम लेने वाले लोग भवसागर पार कर बैकुंठ चले जाते हैं। भागवत कथा को सुनने के लिए भगवान भी इस मृत्यु लोक में जन्म लेने के लिए व्याकुल रहते हैं । भक्ति भजन करने के बाद मनुष्य के अंदर ईश्वर की प्रति आस्था बढ़ने लगती है ।
भाजपा सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने कहा भक्ति भजन और साधना से ही राधा ने कृष्ण को अपने बस में कर लिया। श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही मानव का जीवन कल्याण संभव है।
इस दौरान कथावाचक ने रुकमणी विवाह का श्रवण पान कराया । जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु पुलकित हो उठे । इस दौरान विशाल पंडाल में मौजूद सैकड़ो महिला – पुरुषों ने भी जमकर फूलों की होली खेली । होली के गीतों पर भी श्रद्धालुओं द्वारा जमकर नृत्य भी किया गया । इससे पूर्व साध्वी पूर्णेश्वरी शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा कि स्त्री पुरुष बराबर नहीं है । इसे हर समाज में विचार करना चाहिए । नारियों को शुरू से ही बहुत ऊंचा दर्जा दिया है । नारियों को भी अपनी मर्यादा का उल्लंघन नहीं करना चाहिए । कहा देवियों में महालक्ष्मी , मा सरस्वती व महाकाली का सभी अपनी मर्यादा में रहती है। इधर भागवत कथा के नौवे दिन कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमर उमड़ी रही । कथा श्रवन के लिए काफी दूर दराज से महिलाएं एवं पुरुष श्रद्धालु पहुंच रहे हैं । इधर आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए रहने खाने शौचालय आदि का उत्तम प्रबंध किया गया है । वही अत्यधिक श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भरगामा पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया है । थानाध्यक्ष मनीष कुमार व एएसआई गौरीशंकर यादव के नेतृत्व में आधा दर्जन महिला पुलिस जवान को कथा स्थल पर तैनात किया गया है । वहीं आयोजन को सफल बनाने के लिए आयोजन कमेटी के सभी सदस्य पूरी तन्मयता से जुड़े हुए हैं।






















