- सनातन संविधान- न मे पार्थास्ति कर्तव्यं त्रिषु लोकेषु किञ्चन।
नानवाप्तमवाप्तव्यं वर्त एव च कर्मणि ॥ *श्री मद्भागवत गीता 4.22 ॥
दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज, 1नवंबर 2026।
संविधान का अनुपालन करने वाले राजा को गुलाम नहीं बनाया जा सकता। यह बात भगवान श्रीकृष्ण ने कहीं है। कुरुक्षेत्र में कौरवों और पांडवों की मौजूदगी में सनातन संविधान की जानकारी देते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा:
कार्यपालिका को स्वत: होने वाले लाभ से संतुष्ट रहना चाहिए। फैंसला सुनाते समय न्यायपालिका को ईर्ष्या और द्वंद्व से मुक्त रहना चाहिए। विधायिका को सफलता तथा असफलता, दोनों परिस्थितियों में रहना चाहिए। ऐसी कार्य -संस्कृति को गुलाम कोई नहीं बना सकता।
















