अवैध पैकारी से बड़ रही अंग्रेजी शराब दुकानों की संख्या और लोगों में नशे की लत
आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल, खुले आम बिक रही अवैध रूप से अंग्रेजी शराब,कार्रवाई सिर्फ गरीबों की हाथ भट्टी पर
*बिरसिंहपुर — पाली तहसील में अवैध अंग्रेजी शराब बिक्री का कारोबार बेखौफ चल छ पकड़कर कार्रवाई की गई थी, उसके बाद पाली में राजस्व और आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करना ही बंद कर दिया है। हालात यह है कि न्यूज़ पेपर सोसल मीडिया में खबर छपने और शिकायत करने के बाद भी विभाग कार्रवाई करने के बजाय शिकायतकर्ता को ही फोन कर पूछा जाता है कि कहां-कहां शराब बिकती है।
*हर गली-मोहल्ले में बिक रही अवैध अंग्रेजी शराब*
पाली और आसपास के स्थानीय लोगों के अनुसार ठेकेदार के द्वारा गांव-गांव, गली-मोहल्ले हाईवे के कालरी के क्वार्टर के आसपास, पान के टपरे, किराना दुकान, सब्जी दुकान और यहां तक कि ग्राम पंचायत बेली और ग्राम पंचायत शाहपुर के स्कूलों के पास में भी धड़ल्ले से अंग्रेजी शराब बेची जा रही है। पाली नगर में शाम होते ही बाजार और हाईवे के कई होटलों में शाम 6 बजे से 1 बजे तक महफिलें सज जाती हैं। इन होटलों में हर ब्रांड की शराब हर समय उपलब्ध होने का आरोप है।
*सिर्फ गांव के आदीवासी गरीबों की हाथ भट्टी शराब ही पकड़ी जाती है*
पाली के जानकारों और ग्रामीणों का कहना है कि आबकारी विभाग को सभी ठिकानों की जानकारी होने के बाद भी अंग्रेजी शराब नहीं पकड़ी जाती। बल्की अंग्रेजी शराब ठेकेदारों के इसारे से विभाग सिर्फ खानापूर्ति के लिए गरीब तबके के लोगों द्वारा अपने पीने के लिए बनाई जाने वाली हाथ भट्टी महुआ शराब पकड़कर आंकड़ा पूरा कर लेता है। ताकी गांवों में पैकारी की अंग्रेजी शराब की बिक्री बड सके बड़ी खेप और होटलों में बिकने वाली अंग्रेजी शराब पर हाथ नहीं डाला जाता। आबकारी विभाग का यह भी कहना है कि महुआ लहान हाथ भट्टी शराब पकड़ कर कार्रवाई करने से अंग्रेजी शराब की बिक्री बढ़ती है जिससे राजस्व और आय बढ़ जाती है ठेकेदार के द्वारा जो शराब बिकवाई जाती है उसका राजस्व फिक्स है इस तरह का आबकारी विभाग ने अंग्रेजी शराब को राजस्व बढ़ाने का ठेका दिया हुआ है।
एक शिकायतकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब उसने शिकायत की तो आबकारी विभाग के कर्मचारी ने उसे फोन लगा कर कहा – “अगर सारी शराब दुकान पर ही बेची जाएगी तो राजस्व कहां से आएगा।” यह जवाब विभाग की मंशा पर सवाल खड़ा करता है।
*राजस्व वसूली तक सीमित विभाग*
स्थानीय जनता का आरोप है कि आबकारी विभाग का काम सिर्फ राजस्व वसूली तक ही सीमित रह गया है। नशा रोकना या अवैध बिक्री पर अंकुश लगाना उसका उद्देश्य नहीं रह गया है। एक तरफ केंद्र सरकार द्वारा नशा मुक्ति अभियान चलाया जाता है पोस्टर बैनर प्रचार किया जाता है और 2029 तक प्रदेश को नशा मुक्त करने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि नई पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में ढकेला जा रहा है।
*बांधवगढ़ जैसी कार्रवाई की मांग*
पाली क्षेत्र बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के करीब है। बांधवगढ़ क्षेत्र में जिस तरह पुलिस राजस्व और आबकारी विभाग संयुक्त कार्रवाई कर रही है, वैसी ही कार्रवाई की मांग पाली तहसील में भी उठ रही है। क्षेत्र की जनता ने जिला कलेक्टर उमरिया और जिला आबकारी अधिकारी से मांग की है कि पाली तहसील में सघन जांच अभियान चलाया और राजस्व अधिकारी पुलिस और आबकारी विभाग SDM बांधवगढ़ अंबिकेश सर जैसी कार्य वाही की जाए। पाली के आसपास के गांवों और पाली क्षेत्र के होटलों, ढाबों, पान ठेलों और किराना दुकानों की आकस्मिक जांच की जाए। स्कूलों के पास बिक रही शराब पर तुरंत रोक लगाई जाए।अयसे अवैध काम करते पाए जाने पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए। ठेकेदार का लाइसेंस रद्द किया जाए और जुर्माने की कार्यवाही की जाए तभी इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाया जा सकता है। पाली के प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि बांधवगढ़ SDM की तरह ही पाली SDM को भी इस अवैध कारोबार पर लगाम लगानी होगी तभी नशा खोरी से निजात मिल पाएगी।













