शासन के नियमों को ताक पर रखकर अपात्र को दिया कपिलधारा कूप
*बिरसिंहपुर — पाली जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम बरद धाढ मनरेगा अंतर्गत कपिलधारा कूप योजना में शासन के नियमों को दरकिनार कर अपात्र व्यक्ति को लाभ देने का बड़ा मामला ग्राम पंचायत बरदधार में सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जनपद पंचायत पाली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कन्हाई कुमार, प्रभारी सहायक यंत्री टी.व्ही. सिंह, उपयंत्री बृजेश प्रताप सिंह, सचिव राम प्रसाद पनिका और ग्राम रोजगार सहायक सूर्य प्रताप सिंह ने मिलीभगत कर अपात्र हितग्राही दान शाह सिंह / राम रतन सिंह को 2,46,720 रुपये का कपिलधारा कूप स्वीकृत कर दिया। मनरेगा पोर्टल के अनुसार अब तक 1,82,570 रुपये का भुगतान भी हो चुका है।
*क्या है शासन का नियम*
मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश क्रमांक 1266 / मनरेगा एमपी NR-3 / 2019, भोपाल दिनांक 24/05/2019 में स्पष्ट है कि कपिलधारा योजना में ऐसे हितग्राही का चयन किया जाए जिसके पास न्यूनतम 1 एकड़ और अधिकतम 2.5 एकड़ कृषि भूमि हो। बैगा, भारिया, सहरिया वर्ग को छोड़कर यह नियम सभी के लिए लागू है।
प्रस्तुत खसरा नंबर 232 और 843 की नकल के अनुसार हितग्राही के नाम पर कुल रकबा मात्र 0.121 हेक्टेयर यानी 0.30 एकड़ और दूसरे खसरे में संयुक्त खाते में 1/8 हिस्सा यानी लगभग 0.28 एकड़ ही आता है। दोनों ही स्थिति में हितग्राही 1 एकड़ की न्यूनतम पात्रता भी पूरी नहीं करता है। इसके बावजूद 2023-24 में कार्य कोड 1346003043/IF/22012035190503 से कूप स्वीकृत कर दिया गया। पोर्टल पर 511 मानव दिवस दिखाकर मजदूरी मद में 1,01,750 और सामग्री मद में 80,820 रुपये यानी कुल 1,82,570 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में काम पूर्ण दिखा दिया गया है, लेकिन मौके पर कुआं या तो अधूरा है या मौजूद ही नहीं है। न तो रिंग लगी है, न सीमेंट कार्य हुआ है। सिर्फ फर्जी मस्टर और बिल लगाकर राशि निकाल ली गई है।
*कौन है जिम्मेदार*
शिकायत में कहा गया है कि बिना भूमि सत्यापन और बिना खसरा खतौनी के मिलान के, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पाली, सहायक यंत्री, उपयंत्री, सचिव और रोजगार सहायक ने सांठगांठ कर यह स्वीकृति दी है। यह सीधे-सीधे शासकीय राशि के गबन और पात्र हितग्राहियों के हक पर डकैती है।
*ग्रामीणों की मांग*
ग्रामीणों ने कलेक्टर उमरिया, सीईओ जिला पंचायत उमरिया और लोकपाल मनरेगा से मांग की है कि समस्त दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध जांच कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए, अपात्र को दी गई संपूर्ण राशि 1,82,570 रुपये की वसूली कर शासन के खाते में जमा कराई जाए और पात्र अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के किसानों को योजना का लाभ दिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनपद पंचायत पाली के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे।
शासन के नियमों को ताक पर रखकर अपात्र को दिया कपिलधारा कूप
*बिरसिंहपुर — पाली जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम बरद धाढ मनरेगा अंतर्गत कपिलधारा कूप योजना में शासन के नियमों को दरकिनार कर अपात्र व्यक्ति को लाभ देने का बड़ा मामला ग्राम पंचायत बरदधार में सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जनपद पंचायत पाली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कन्हाई कुमार, प्रभारी सहायक यंत्री टी.व्ही. सिंह, उपयंत्री बृजेश प्रताप सिंह, सचिव राम प्रसाद पनिका और ग्राम रोजगार सहायक सूर्य प्रताप सिंह ने मिलीभगत कर अपात्र हितग्राही दान शाह सिंह / राम रतन सिंह को 2,46,720 रुपये का कपिलधारा कूप स्वीकृत कर दिया। मनरेगा पोर्टल के अनुसार अब तक 1,82,570 रुपये का भुगतान भी हो चुका है।
*क्या है शासन का नियम*
मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश क्रमांक 1266 / मनरेगा एमपी NR-3 / 2019, भोपाल दिनांक 24/05/2019 में स्पष्ट है कि कपिलधारा योजना में ऐसे हितग्राही का चयन किया जाए जिसके पास न्यूनतम 1 एकड़ और अधिकतम 2.5 एकड़ कृषि भूमि हो। बैगा, भारिया, सहरिया वर्ग को छोड़कर यह नियम सभी के लिए लागू है।
प्रस्तुत खसरा नंबर 232 और 843 की नकल के अनुसार हितग्राही के नाम पर कुल रकबा मात्र 0.121 हेक्टेयर यानी 0.30 एकड़ और दूसरे खसरे में संयुक्त खाते में 1/8 हिस्सा यानी लगभग 0.28 एकड़ ही आता है। दोनों ही स्थिति में हितग्राही 1 एकड़ की न्यूनतम पात्रता भी पूरी नहीं करता है। इसके बावजूद 2023-24 में कार्य कोड 1346003043/IF/22012035190503 से कूप स्वीकृत कर दिया गया। पोर्टल पर 511 मानव दिवस दिखाकर मजदूरी मद में 1,01,750 और सामग्री मद में 80,820 रुपये यानी कुल 1,82,570 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में काम पूर्ण दिखा दिया गया है, लेकिन मौके पर कुआं या तो अधूरा है या मौजूद ही नहीं है। न तो रिंग लगी है, न सीमेंट कार्य हुआ है। सिर्फ फर्जी मस्टर और बिल लगाकर राशि निकाल ली गई है।
*कौन है जिम्मेदार*
शिकायत में कहा गया है कि बिना भूमि सत्यापन और बिना खसरा खतौनी के मिलान के, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पाली, सहायक यंत्री, उपयंत्री, सचिव और रोजगार सहायक ने सांठगांठ कर यह स्वीकृति दी है। यह सीधे-सीधे शासकीय राशि के गबन और पात्र हितग्राहियों के हक पर डकैती है।
- *ग्रामीणों की मांग*
ग्रामीणों ने कलेक्टर उमरिया, सीईओ जिला पंचायत उमरिया और लोकपाल मनरेगा से मांग की है कि समस्त दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध जांच कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए, अपात्र को दी गई संपूर्ण राशि 1,82,570 रुपये की वसूली कर शासन के खाते में जमा कराई जाए और पात्र अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के किसानों को योजना का लाभ दिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनपद पंचायत पाली के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे।











