नजरिया न्यूज। भरगामा ।
दुनिया की कोई भी कौम उस वक्त तरक्की नहीं करता जबतक वो कौम इल्म हासिल नहीं कर लेती है। उन्होंने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की चर्चा करते हुए कहा कि बाबा साहेब अपने कौम के अंदर इंकलाब पैदा कर दिया। और वो अछूत कहे जाने वाली कौम आज अपना हक को पहचान रहा है मगर हम नहीं पहचान पा रहे हैं उक्त बातें हजरत मौलाना महबूब अल मजाहरी ने गुरुवार को एक दिवसीय जलसा को सम्बोधित करते हुए कही।
वीरनगर ईदगाह ग्राउंड पर तीसरा एक दिवसीय जलशा सीरतुन नवी व तालीमि बेदारी का आयोजन मदरसा आईसा तुल बनात वीरनगर के तत्वाधान में हुई। जलसा में मुख्य अतिथि के रूप में अपना अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव असलम बेग मुख्य रूप से उपस्थित थे।
असर नमाज के बाद जलसा का आगाज कलामे पाक की तिलावत हाफिज शाहिद अंजुम से हुई। 
इस अवसर पर बच्चियों के द्वारा तकरीर पेश किया गया। और नातिया कलाम पेश किया।
मंच की नजामत मौलाना रहमतुल्लाह ने किया। वही मगरिब नमाज के बाद मौलाना महबूब अल मजाहरी ने कहा कि दुनिया में मजहबे इस्लाम ने औरतों को जो सम्मान दिया है उसके कोई मिसाल नहीं मिलती है, उनहोंने आगे कहा कि सुद लेना और देना दोनों हराम है। उन्होंने आगे कहा कि आज समाज में समुह का ऋण घर घर में दे दिया गया है, जो हराम है। यह एक यहुदियों की बड़ी साजिश है। मौलाना फैसल कटिहारवी ने कहा समाज में बहुत बुड़ाई आने का मुख्य कारण है अशिक्षा है, बेटी की शिक्षा वक्त की जरूरत है।
इमारत सरिया के काजी अब्दुत ताउवाब ने कहा कि हक तलफी करने वाला खुदा के सामने मुजरिम है, अगर इंसान एक इंच ज़मीन भी किसी का दवा लिया, तो खुदा के सामने किया मुंह दिखायेगा।
मुफ्ती एजाज़ अहमद काशमी ने नात पाक से लोगों को खुब झुमाया।
जलसा के आयोजक मौलाना मिनतुल्ला रहमानी, ने कहा कि यह जलसा मदरसा आईसा तुल बनात के द्वारा आयोजित किया गया है। मदरसा मे गरिबों और कमजोर बच्चों के पढाई लिखाई का इंतजाम मदरसा के तरफ से किया जाता है।
इस जलसा के आयोजन में नजीब अमीर हाजी गयास उद्दीन, नजाम उर्फ निजा, कैजुल, डा फारान, इम्तियाज, मो रिजवान, मो कामिल हाट मालिक, सरपंच नजाम उद्दीन, मो हसाम, जियाउल हक, मुम्मताज, युसुफ, मो सिकंदर, रिजवान, अकबाल, मो निगार अंजुम आदि लोगों ने महती भुमिका निभाई।






















