नजरिया न्यूज। भरगामा
सक्षमता परीक्षा के रिपोर्ट विरोध में आदेश की प्रति जलाने को लेकर प्रखंड के 22 शिक्षको पर हुई कार्यवाई पर लोगों ने नाराजगी व्यक्त किया है व इसे प्रजातांत्रिक मूल्यों का हनन बताया। अपना अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव असलम बेग ने विभाग की इस कार्यवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने इस कार्यवाई को तुगलकी फरमान बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना लोगो का मौलिक अधिकार है और इस प्रकार का फरमान मौलिक अधिकार का हनन है। लोग अपनी मांग कों लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष करते है। शिक्षको ने अपने हक के लिए जो आवाज बुलंद की है।इस पर कार्यवाई करना निंदनीय है। उन्होंने सरकार से सूबे के सभी शिक्षकों पर हुई कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। साथ में नियोजित शिक्षकों पर दमनकारी नीति बंद करने और बिना शर्त राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांग की है। उन्होने इस कार्यवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
बताते चलें कि सक्षमता परीक्षा के विरोध में सूबे के सभी प्रखंड में विभागीय आदेश की प्रति को जलाया था। तत्पश्चात विभाग के द्वारा कार्यक्रम में शामिल शिक्षको को चिन्हित करते हुए स्पष्टीकरण की मांग की थी।जिसके बाद विभाग की ओर से 22 शिक्षकों का एक सप्ताह का वेतन कटौती एवं सक्षमता परीक्षा में शामिल होने पर रोक लगा दी है।






















