नजरिया न्यूज।भरगामा।
प्रखंड मुख्यालय परिसर में एक भी सार्वजनिक शौचालय व यूरिनल नहीं हैं जो हैं भी वह पदाधिकारियों की उदासीनता के कारण आधा अधूरा पडा हैं। जिस कारण प्रखंड मुख्यालय स्थित विभिन्न कार्यालय मे सरकारी काम से आने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड रहा हैं। खासकर इसके आभाव मे महिलाओं को खासी कठिनाइयों का सामना करना पडता है। यूं तो लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत भरगामा प्रखंड क्षेत्र अधिकाश पंचायतों को खुले मे शौच से मुक्त ( ओडीएफ ) घोषित कर दिया गया हैं।साथ ही जो पंचायत ओडीएफ नही हुआ हैं वहां शौचालय निर्माण करवाने के लिए प्रशासनिक पदाधिकारी से लेकर पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा बैठक जागरूकता अभियान आदि किये जा रहे हैं। लेकिन विडंवना हैं कि प्रखंड मुख्यालय परिसर में लगातार सौन्दर्यीकरण का कार्य निरंतर जारी हैं। लेकिन एक अदद सार्वजनिक शौचालय नहीं हैं। जो हैं भी बेकार पडा हैं। कहते है कि कुछ दिन पहले प्रखंड मुख्यालय स्थित बीडीओ, सीओ कार्यालय के समीप बीआरजीएफ योजना से लाखों की लागत से तीन कमरों का शौचालय निर्माण करवाया गया। लेकिन उसमे न तो किवाड लगाया गया और न ही सीट व पानी की समुचित ब्यबस्था की गई। लिहाजा इस शौचालय का उपयोग लोग आज तक नही कर पाये हैं। रख रखाव व अधुरा निर्माण के कारण शौचालय आज भी बेकार पडा हैं। बेकार पड़े इस शौचालय स्वच्छता अभियान के प्रति स्थानीय पदाधिकारी की संवेदनशीलता दर्शाने के लिए काफी हैं। अलवत्ता विभिन्न कामों से ब्लॉक आने बाले लोगों को शौचालय नहीं रहने के कारण शर्मशार होना पडता हैं। शौचालय के अभाव में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ती हैं। प्रखंड मुख्यालय परिसर में हीं आंगनबाड़ी कार्यालय, आरटीपीएस, आपूर्ति, स्टेट बैंक शाखा ,समेत कई अन्य कार्यालय हैं।
शौचालय निर्माण कार्य लगभग 4 वर्ष पहले बीडीओ कार्यालय में उपलब्ध विकास की राशि से करवाया गया। हालांकि जानकारों की मानें तो आजतक निर्माण से संबंधित सुचना पट्ट नहीं लगवाया गया हैं। जिससे आमलोग किसी भी तरह की जानकारी लेने से बंचित रह जाते हैं।
आजकल कार्यपालक सहायक पद पर अधिकांश महिलाओं ने इस प्रखंड मे अपना योगदान दिया हैं। इसके अलावे आंगनबाड़ी कार्यालय में सेविकाओं का आना जाना हैं। ब्लाॅक परिसर महिला पंचायत प्रतिनिधियों का भी आना जाना लगा रहता हैं। लेकिन कहीं भी सार्वजनिक शौचालय नही हैं। बताया जाता हैं कि कुछ दिनों पूर्व सीडीपीओ कार्यालय के समीप सडक किनारे एक माॅडल शौचालय निर्माण करवाया गया। लेकिन शौचालय के निकट ट्युबेल, शौचालय मे किवाड, व सीट आदि नही लगवाया गया। जिस कारण लोग इसका भी उपयोग नही कर पा रहें हैं। यहा आने वाले पुरुष तो इधर उधर खोज कर मल मूत्र त्याग कर लेते हैं। लेकिन महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं।इधर सरकारी घोषणा के मुताबिक लोगों को खुले में शौच नही करना हैं। लेकिन प्रखंड मुख्यालय में स्थित शौचालय को देखने वाला कोई नही हैं। यहां आने वाले लोग कहां पेशाब त्याग करते हैं कहां शौच करते हैं इसपर किसी का ध्यान नही जा रहा हैं।
क्या कहती है महिलाए:- खुटहा बैजनाथपुर से आरटीपीएस कार्यालय मे आधार कार्ड में सुधार करवाने आई महिला सुमित्रा देवी ने बताई आरटीपीएस कार्यालय के सामने लगी लंबी-लंबी कतार में लगकर काफी समय बीत जाता है इस क्रम में शौच करने के लिए काफी परेशानी होती है कभी-कभी खुले में शौच करने पर शर्मसार होना पड़ता है। प्रखंड मुख्यालय अंतर्गत एक भी यूरिनल और सुचारू रूप से चालू शौचालय नहीं रहने से खासकर महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इधर बीडीओ शशिभूषण सुमन ने बताया मेरे पदस्थापन से पहले की योजना हैं। जिसकी जांच कर जल्द शौचालय को दुरूस्त करवाकर चालू करवाया जाएगा। फिलहाल आरटीपीएस के बगल में नये शौचालय निर्माण की स्वीकृति दे दी गई हैं।






















