13वें राष्ट्रीय सम्मेलन में नई राष्ट्रीय परिषद का गठन: के. विश्वनाथन अध्यक्ष,गजनफर नवाब महासचिव , रामविलास शर्मा – कोषाध्यक्ष निर्वाचित
समस्तीपुर/दलसिंहसराय (राज कुमार सिंह)
ऑल इंडिया बीड़ी सिगार टुबैको फेडरेशन का 13वाँ राष्ट्रीय सम्मेलन दलसिंहसराय जिला परिषद के डाक बंगला परिसर में प्रतिनिधि सत्र के साथ सम्पन्न हुआ। दूसरे दिन आयोजित प्रतिनिधि सत्र की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय अध्यक्ष मंडल कॉ. नसीम अंसारी, भारती न्यायपल्ली एवं नवेंदु घोर ने की। सत्र की शुरुआत एटक के राज्य अध्यक्ष कॉ. गजनफर नवाब द्वारा शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के साथ ही सम्मेलन में दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष और योगदान को याद किया।
स्वागत समिति के अध्यक्ष कॉ विनोद कुमार समीर ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए दलसिंहसराय के गौरवशाली औद्योगिक एवं मजदूर आंदोलन के इतिहास को विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में दलसिंहसराय औद्योगिक विकास के महत्वपूर्ण केंद्रों में एक था। मुंगेर के बाद वर्ष 1905 में यहां सिगरेट फैक्ट्री की स्थापना हुई थी, जो विगत वर्ष 1953 में बंद हो गई। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में क्षेत्र की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान थाना घेराव के क्रम में सात लोग अंग्रेजी हुकूमत की गोलियों से शहीद हुए थे। उन्होंने दलसिंहसराय की प्रसिद्ध मिठाई रसकदम का भी उल्लेख किया, जो बिहार ही नहीं बल्कि देश-विदेश में अपनी पहचान रखती है।
साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पूरी तरह मजदूर-किसान विरोधी नीतियों पर चल रही है और कॉरपोरेट घरानों के हितों को प्राथमिकता दे रही है।साथ ही बीड़ी उद्योग गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है और ऐसा प्रतीत होता है कि इस उद्योग को धीरे-धीरे बंद करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने बीड़ी मजदूरों के रोजगार और अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक संघर्ष की आवश्यकता पर बल दिया।
वंही प्रतिनिधि सत्र का उद्घाटन कॉ. ऊषा सहनी ने किया। सम्मेलन स्थल का नामकरण कॉ. अब्दुल रऊफ एवं कॉ. बैद्यनाथ चौधरी के नाम पर तथा सभागार का नामकरण पूर्व ट्रेड यूनियन नेता कॉ. सत्यनारायण ठाकुर के नाम पर किया। राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रतिनिधि सत्र में 16 राज्यों से 137 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रतिनिधियों ने बीड़ी एवं तंबाकू उद्योग की वर्तमान स्थिति, मजदूरों की समस्याओं, रोजगार की सुरक्षा और ट्रेड यूनियन आंदोलन को मजबूत करने के सवाल पर विस्तार से चर्चा की।
सम्मेलन में कुल पाँच प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें दलसिंहसराय की बंद पड़ी सिगरेट फैक्ट्री को पुनः चालू कराने का प्रस्ताव प्रमुख रहा। सम्मेलन ने फैक्ट्री को पुनर्जीवित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार बहाल करने तथा बीड़ी एवं तंबाकू उद्योग से जुड़े मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।
सम्मेलन में ऑल इंडिया बीड़ी सिगार टुबैको फेडरेशन के महासचिव कॉ. के. विश्वनाथन ने संगठन की कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट पर विभिन्न राज्यों से आए पुरुष एवं महिला प्रतिनिधियों ने व्यापक बहस में हिस्सा लिया तथा अपने सुझाव रखे। चर्चा के बाद कार्य रिपोर्ट को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
सम्मेलन में 39 सदस्यीय नई राष्ट्रीय परिषद का गठन भी सर्वसम्मति से किया गया। नई परिषद में कॉ. के. विश्वनाथन को अध्यक्ष, कॉ. गजनफर नवाब को महासचिव, कॉ. मो. नसीम एवं कॉ. सरोजनी आचार्य को उपाध्यक्ष, कॉ. नवेंदु धरा, कॉ. मो. मुशर्रफ एवं कॉ. भारती न्यायपल्ली को सचिव तथा कॉ. रामविलास शर्मा को कोषाध्यक्ष चुना गया।
राष्ट्रीय सम्मेलन ने नवनिर्वाचित परिषद को बीड़ी एवं तंबाकू उद्योग से जुड़े मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, रोजगार की सुरक्षा, बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को पुनः चालू कराने तथा मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को व्यापक और मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी। सम्मेलन ने स्पष्ट किया कि दलसिंहसराय की बंद सिगरेट फैक्ट्री को चालू कराने और बीड़ी मजदूरों के सवालों को लेकर आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।






















