संजय ठाकुर संवाददाता पलासी अररिया 
अररिया। पलासी प्रखंड क्षेत्र के डाला गांव में बुधवार को एक पागल कुत्ते ने हमला कर पांच लोगों को काटकर घायल कर दिया। अचानक हुई इस घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुत्ते के हमले में घायल लोगों को परिजनों एवं ग्रामीणों की मदद से इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलासी लाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है।
घायलों में गौरव कुमार, मनोज कुमार, इति कुमारी और चिंता कुमारी समेत कुल पांच लोग शामिल हैं। बताया जाता है कि गांव में घूम रहे एक कुत्ते ने अचानक लोगों पर हमला कर दिया और एक के बाद एक कई लोगों को अपना शिकार बना लिया। कुत्ते के काटने के बाद घायल लोगों के बीच भय और चिंता का माहौल देखा गया।घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। ग्रामीणों ने किसी तरह कुत्ते को वहां से भगाया, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, घटना के बाद से ग्रामीणों में इस बात को लेकर भय बना हुआ है कि कहीं उक्त कुत्ता दोबारा किसी व्यक्ति पर हमला न कर दे।ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। इनमें से कुछ कुत्ते आक्रामक भी हो जाते हैं, जिससे राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से तत्काल अभियान चलाकर आवारा और पागल कुत्तों को पकड़ने की मांग की है।ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। खासकर छोटे बच्चों के घर से बाहर निकलने के दौरान अभिभावकों को उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर रखने तथा गांव में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।वहीं,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलासी के चिकित्सक डॉ. जहांगीर आलम ने बताया कि कुत्ते के काटने से घायल सभी लोगों को स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है। सभी घायलों का आवश्यक उपचार किया जा रहा है। चिकित्सक ने बताया कि घायलों को जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है तथा कुत्ते के काटने के बाद निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया के अनुसार उपचार किया जा रहा है।घटना के बाद डाला गांव के लोगों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को आवारा एवं आक्रामक कुत्तों के आतंक से निजात मिल सके और भविष्य में किसी बड़ी घटना को टाला जा सके।









