नजरिया न्यूज बारसोई कटिहार।
बारसोई थाना क्षेत्र के दो अलग- अलग नव निर्मित मंदिरों में एक साथ प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के तहत सफेद संगमरमर की सुसज्जित सुंदर प्रतिमाओं को स्थापित किया गया। एक तरफ जहां गुरुवार को खरुआ गांव के राम जानकी मंदिर में भगवान राम-सीता और राम भक्त हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा कि गई वहीं बारसोई बाजार स्थित विष्णु मंदिर सह ठाकुरबाड़ी में भगवान राधे कृष्णा, शिव परिवार और महावीर स्वामी की प्राण प्रतिष्ठा की गई। बता दें की पांच दिवसीय कार्यक्रम के तहत जहां विष्णु मंदिर की ओर से 18 फरवरी रविवार को कलश यात्रा निकाली गई थी।वहीं खरुआ ग्राम के राम जानकी मंदिर की ओर से 19 फरवरी को कलश शोभा यात्रा का संचालन हुआ था।
उसके बाद से लगातार तीन दिनों तक बाहर से आए आधा दर्जन पंडितों के द्वारा दिनभर वैदिक मंत्रों के साथ देवी देवताओं की पूजा होती रही। जिसमें जलाधिवास, अन्नाधिवास, फलाधिवास और सैयाधिवास मुख्य पूजा कार्यक्रम हुआ। वहीं विष्णु मंदिर कमेटी के आह्वान पर स्थानीय लोगों ने अन्नाधिवास, फलाधिवास और सैयाधिवास के दिन अन्न, फल और वस्त्र का दान किया। जिसके चलते मंदिर में काफी फल और वस्त्र इकट्ठा हो गए। वहीं गुरुवार को मंदिर कमेटी की और से महाप्रसाद का भंडारा भी लगाया गया। जिसमें दुर दराज से आए हुए श्रद्धालुओं के साथ-साथ बारसोई बाजार के लोगों ने भी महाप्रसाद का आनंद लिया। बता दें की खरुआ गांव में पंडित जी के संचालन में उक्त प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जबकि यहां के मुख्य जजमान बेंगलुरु के मालू परिवार के सदस्य हैं। जिनके द्वारा राम जानकी मंदिर सह गौशाला चैरिटेबल ट्रस्ट में आर्थिक सहायता देकर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को सफल बनाया गया। वहीं राम जानकी मंदिर की ओर से फलाधिवास में उपयोग किए गए फलों का श्रद्धालुओं के बीच वितरण करने के साथ-साथ महाप्रसाद का भी भंडारा लगाया गया। बताते चलें कि बारसोई बाजार स्थित विष्णु मंदिर में गुरुवार को प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत पांच दिवसीय कार्यक्रम का समापन हो गया। जबकि खरुआ ग्राम में शुक्रवार को भगवान की भोग आरती और हवन के बाद ही उत्सव कार्यक्रम को पूर्णाहुति दी जाएगी। गेटन की गुरुवार को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान विष्णु मंदिर सह ठाकुरबाड़ी में लोगों ने खुलकर दान किया कई श्रद्धालुओं ने लाखों रुपए का दान की घोषणा भी की। वहीं इस अवसर पर खरुआ गांव में बेंगलुरु से आए मालू परिवार के सदस्य सावित्री देवी नंदकिशोर मालू, अनुश्री देवी नवल किशोर मालू, आशा देवी कमल किशोर मालू नम्रता देवी नवलकिशोर मालू इत्यादि व्यक्ति प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।






















