– मेडिएशन कमेटी की बैठक में अधिवक्ताओं को दी गई सलाह*
– गोपनीय और त्वरित निपटारे का बताया जरिया
नजरिया न्यूज़,
अररिया।
शनिवार को न्याय मंडल में सुपरवाइजरी सह मेडिएशन कमेटी की बैठक फैमिली जज प्रमोद कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई।
फैमिली जज ने कहा कि मध्यस्थता एक ऐसी प्रक्रिया है जहां निष्पक्ष मध्यस्थ की मदद से वादी-प्रतिवादी आपसी सहमति से विवाद खत्म कर सकते हैं। यह पूरी तरह गोपनीय और ऐच्छिक है। इसमें दोनों पक्षों को खुलकर अपनी बात रखने का मौका मिलता है।
उन्होंने कहा कि आज अदालतों में मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन निपटारे की गति धीमी है। मध्यस्थता से न सिर्फ वादों का जल्द निपटारा संभव है, बल्कि इससे न्यायालयों का बोझ भी कम होगा। आम जनता को चाहिए कि वे समझौता योग्य मामलों में कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने के बजाय मध्यस्थता का विकल्प चुनें।
बैठक में संजीत कुमार सिंह, रोहित श्रीवास्तव, रणधीर कुमार सहित रामानंद मंडल, अशोक पासवान, मो. मसूद आलम, राजेन्द्र चौधरी, वीना, विनीत प्रकाश आदि उपस्थित थे।






















