अररिया (पलासी):
लद्दाख के जाने-माने पर्यावरणविद् एवं शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से जबरदस्ती उठाए जाने की घटना के खिलाफ बिहार के अररिया जिले में आक्रोश देखने को मिला। पलासी प्रखंड के रामनगर युवा संगठन के तत्वावधान में युवाओं ने इस कार्रवाई के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया और लोकतंत्र की आवाज को दबाने का आरोप लगाया।
शांतिपूर्ण आवाज को दबाने का विरोध
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रशासनिक कार्रवाई के प्रति गहरा विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखना और असहमति दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
तख्तियों पर लिखे नारों के जरिए युवाओं ने संदेश दिया:
“शांतिपूर्ण आवाज को कुचलना बंद करो!”
“लोकतंत्र में असहमति अपराध नहीं, अधिकार है!”
“लोकतंत्र नहीं झुकेगा, सच नहीं रुकेगा!”
युवाओं का संदेश: “अहिंसा हमारा मार्ग है और संविधान हमारा अधिकार। लोकतंत्र की रक्षा करना हम सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।”
न्याय और अधिकार की लड़ाई
रामनगर युवा संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि सोनम वांगचुक के साथ हुआ व्यवहार अन्यायपूर्ण है। यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि न्याय, अधिकार और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने मांग की कि सरकार और प्रशासन नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करे और शांतिपूर्ण आंदोलनों को बलपूर्वक दबाने की नीति बंद करे। इस विरोध प्रदर्शन में क्षेत्र के कई स्थानीय युवाओं और नागरिकों ने भाग लिया।





















