नजरिया न्यूज़
भरगामा /अररिया।
भरगामा प्रखंड क्षेत्र में लचहा नदी के पूर्वी बांध होते हुए बघवा-शंकरपुर गांव को जोड़ने वाली नवनिर्मित पक्की सड़क पहली ही बारिश में अपनी बदहाली की कहानी बयां करने लगी है। कुछ माह पूर्व लाखों रुपये की लागत से बनी इस सड़क के किनारे कई स्थानों पर तेज कटाव शुरू हो गया है। सड़क की स्थिति देखकर स्थानीय लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
स्थानीय मो इरशाद, मो सिराज सहित अन्य लोगों ने बताया कि बारिश के बाद लचहा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी का पानी सड़क के किनारे तक पहुंचने से बांध की मिट्टी बहने लगी है, जिससे कई जगह सड़क का बेस कमजोर हो गया है। सड़क के किनारे बड़े हिस्से का कटाव हो चुका है और डामर की परत हवा में लटकती नजर आ रही है। यदि समय रहते कटावरोधी कार्य नहीं कराया गया तो सड़क का बड़ा हिस्सा नदी में समा सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क बघवा, शंकरपुर समेत आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए आवागमन का मुख्य मार्ग है। सड़क क्षतिग्रस्त होने पर पंचायत के हजारों लोगों का संपर्क प्रभावित होगा। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं, किसानों तथा रोजमर्रा के आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही आपातकालीन सेवाओं पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया। यदि सड़क के किनारों पर मजबूत सुरक्षा दीवार (टो-प्रोटेक्शन), पिचिंग या कटावरोधी संरचना बनाई जाती तो पहली ही बारिश में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से तत्काल स्थल निरीक्षण कर सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने तथा कटाव रोकने के लिए युद्धस्तर पर सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो लगातार बढ़ रहे नदी के जलस्तर के बीच यह नई सड़क कभी भी टूट सकती है, जिससे शंकरपुर पंचायत को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।





















