नजरिया न्यूज़, अररिया। कुमार श्रीवास्तव।
अररिया जिला मुख्यालय से होकर गुजरने वाले फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (एनएच-27) की बदहाल स्थिति अब आम लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। शहर के तेरापंथ भवन के समीप कोशी पुल के पास सड़क पर बना विशाल गड्ढा लगातार विकराल रूप धारण करता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने, जनप्रतिनिधियों को जानकारी देने और सोशल मीडिया के माध्यम से मुद्दा उठाने के बावजूद अब तक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एवं संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह गड्ढा पहले छोटा था, लेकिन लगातार भारी वाहनों की आवाजाही और हाल के दिनों में हुई बारिश के कारण यह और अधिक गहरा तथा चौड़ा हो गया है। स्थिति ऐसी हो गई है कि सड़क का एक हिस्सा धीरे-धीरे धंसता जा रहा है। इससे प्रतिदिन गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बाइक सवारों और ई-रिक्शा चालकों के लिए यह गड्ढा जानलेवा साबित हो रहा है। कई बार वाहन चालक गड्ढे से बचने के प्रयास में संतुलन खो बैठते हैं और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
अररिया-पूर्णिया तथा अररिया-फारबिसगंज फोरलेन मार्ग की हालत देखकर लोग तंज कसते हुए कहने लगे हैं कि “सड़क में गड्ढा है या गड्ढे में सड़क।” गैयारी पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तक कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त है। जगह-जगह बड़े गड्ढे, उखड़ी सड़कें और अधूरी मरम्मत के निशान साफ दिखाई देते हैं। लोगों का आरोप है कि मरम्मत कार्य केवल खानापूर्ति तक सीमित रह गया है। कुछ दिनों के लिए सड़क ठीक दिखाई देती है, लेकिन थोड़े ही समय बाद फिर वही स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
स्थानीय निवासी आसिफ ने बताया कि एनएचएआई और प्रशासन की साफ लापरवाही सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि सड़क की समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों पर होगी।
वहीं एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि इस समस्या के लिए केवल एनएचएआई ही नहीं, बल्कि जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की भी जवाबदेही बनती है। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं इसी मार्ग से आते-जाते हैं और सड़क की जर्जर स्थिति से भली-भांति परिचित हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इसी सड़क से प्रतिदिन स्कूली बच्चे, छात्र-छात्राएं, महिलाएं और हजारों आम नागरिक आवागमन करते हैं, इसलिए प्रशासन को इस मामले को प्राथमिकता देनी चाहिए।
मानसून की दस्तक के साथ लोगों की चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाएगा, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। लोगों ने जिला प्रशासन और एनएचएआई से अविलंब संज्ञान लेते हुए सड़क की स्थायी मरम्मत कराने, चेतावनी संकेत लगाने तथा आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले समस्या का समाधान किया जा सके।






















