लखनऊ से प्रवीण वत्स, विशेष संवाददाता नजरिया न्यूज, 1जून 2026।
भाजपा की सरकार केंद्र और उत्तर प्रदेश, दोनों जगह हैं। केंद्र सरकार ने 18लाख विद्यार्थियों की परीक्षा ली और गड़बड़ी के सारे रिकॉर्ड टूट गए। वहीं भाजपा की उत्तर प्रदेश सरकार ने 56 लाख परीक्षार्थी की कदाचार मुक्त परीक्षा ली।नौ वर्षों से कदाचार मुक्त परीक्षा उत्तर प्रदेश सरकार ले रही है। सवाल उठता है कि भाजपा की केंद्र सरकार असफल और प्रदेश सरकार सफल क्यों हो रही है।
वायरल खबरों के मुताबिक सीबीएसई 12वीं की हाल ही में संपन्न हुई बोर्ड परीक्षा में लगभग 18 लाख परीक्षार्थी सम्मिलित हुए, मार्किंग में हुई गड़बड़ी, किसकी उदासीनता से गड़बड़ी, नहीं तय किया गया आरोप
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं का परिणाम घोषित होने के बाद से मूल्यांकन प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों के कारण सुर्खियों में है। इस साल लागू किए गए नए ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सिस्टम को लेकर लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों ने बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, उत्तर पुस्तिकाओं के बदलने और नंबरों में कटौती के गंभीर आरोप लगाए हैं।विवाद और सुर्खियों के मुख्य कारण :
ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) में तकनीकी खामियां: बोर्ड ने पहली बार ऑन-स्क्रीन कॉपियां जांचीं, जिसमें छात्रों को धुंधले पृष्ठ, गायब कॉपियां और बिना चेक किए गए उत्तरों जैसी तकनीकी गड़बड़ियों का सामना करना पड़ा।उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली:
कई छात्रों को री-चेकिंग के लिए प्राप्त स्कैन की हुई कॉपियों में दूसरों की उत्तर पुस्तिकाएं (Answer Sheets) मिलने के चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं।भारी संख्या में री-इवैल्यूएशन आवेदन:
उम्मीद से बहुत कम अंक आने के कारण इस साल लगभग 4 लाख से अधिक छात्रों ने अपनी कॉपियों की री-चेकिंग के लिए आवेदन किया है।राजनीतिक और संसदीय हस्तक्षेप:
कॉपियों की चेकिंग में गड़बड़ी और छात्रों के भारी तनाव को देखते हुए संसद की स्थायी समिति ने शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई अधिकारियों को तलब किया है। वहीं, विपक्ष ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
वेबसाइट क्रैश होना: पोस्ट-रिजल्ट वेरिफिकेशन और कॉपियों को देखने के लिए छात्रों को फीस भरने के बावजूद तकनीकी एरर और सर्वर डाउन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।सीबीएसई के अनुसार, इस मूल्यांकन प्रणाली में सामने आ रही तकनीकी कमजोरियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और इसे सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। आप इस विषय पर अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए बीबीसी हिंदी या द हिंदू के लेख पढ़ सकते हैं। फिलहाल, प्रदेश सरकारों का परीक्षा लेने का रिकार्ड अच्छा है। उत्तर प्रदेश सरकार का परिणाम:
विगत 9 वर्षों में प्रदेश ने नकल-विहीन परीक्षाएं आयोजित कराने का कार्य किया है। इस वर्ष उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में लगभग 56 लाख विद्यार्थी सम्मिलित हुए। उनकी परीक्षाएं 14 से 15 दिनों में संपन्न हुईं।अगले 14 से 15 दिनों के भीतर उनके परिणाम भी घोषित कर दिए गए।






















