– जिला जज सिरिस्तेदार को दी गई लिखित सूचना
– प्रतिलिपि बार एसोसिएशन अध्यक्ष को सौंपा गया व जिला जज के निजी शिकायत पेटी में डाली गई
– कोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरा को जांच के दृष्टिकोण से खंगालने पर स्पष्ट मामला सामने आ जाएगा
– पेशकार मो कासिम ने अपने ऊपर लगाए सभी आरोपों को निराधार व बेबुनियाद बताया है
नजरिया न्यूज़, (रूबी विनीत), अररिया।
जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ता शंकर सुमन ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया है कि न्यायमंडल अररिया में फर्स्ट क्लास जुडिशियल मजिस्ट्रेट विक्की कुमार के कोर्ट में पदस्थापित प्रभारी सहायक (पेशकार) मो कासिम ने उनके साथ अशोभनीय व्यवहार किया है। अपने साथ हुए अशोभनीय व्यवहार पर आहट अधिवक्ता श्री ठाकुर ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
अधिवक्ता शंकर सुमन ठाकुर ने एक लिखित शिकायत आवेदन पत्र के माध्यम से जिला जज सिरिस्तेदार अजय कुमार को दिया है।
वही, आवेदन की छाया प्रति जिला जज के द्वारा प्रदत्त शिकायत पेटी में डाला गया है तथा एक छाया प्रति जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय को सौंपी गई है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने जल्द से जल्द इसपर कार्रवाई करने की बात कही है। हालांकि जिला जज सिरिस्तेदार अजय कुमार ने अनौपचारिक रूप से बताया कि मामले कि जानकारी जिला जज गुंजन पाण्डेय को दे दी गई है। फिलवक्त कोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरा की जांच करने पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
जबकि कोर्ट पेशकार मो कासिम ने अपने ऊपर लगाए सभी आरोपों को निराधार व बेबुनियाद बताया है।
इधर, घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए जिला बार एसोसिएशन अररिया के अधिवक्ता शंकर सुमन ठाकुर ने पत्रकारों को बताया कि वे वर्ष 2014 से ही लगातार नियमित रूप से अररिया डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में प्रैक्टिस करते आ रहे हैं।
बताया कि गत 27 मई 2026 को करीबन 11.30 बजे जब अधिवक्ता विक्की कुमार जेएम फर्स्ट क्लास के कोर्ट में अपने नए क्लाइंट के साथ पहुंचे, जो नोटिस की कॉपी लेकर आया हुआ था और उसका उस दिन तारीख भी था। इजलास के बगल में बैठे पेशकार मो कासिम जो बाद में सुनने में आया इंचार्ज कोर्ट पेशकार थे, उनसे सम्बंधित रेकॉर्ड का तलब किए, जिसपर उन्होंने कहा अभी नहीं हो पाएगा, 15-20 मिनट बाद में आइये। मैं उसी समय वहां से यह सोच कर चला गया कि अभी न्यायिक कार्य में व्यस्तता होगी इनलोगों।
पुनः अधिवक्ता शंकर सुमन ठाकुर 30 मिनट बाद अपने क्लाइंट के साथ कोर्ट पहुंचे, तो फिर पेशकार मो कासिम और उनके बगल में बैठा एक लड़का जिसको अधिवक्ता नहीं जानते थे, से पुनः रेकॉर्ड का अवलोकन करने की अभिलाषा व्यक्त किये, जिसपर पेशकार मो कासिम ने कहा कि अभी नहीं हो पाएगा, अधिवक्ता के अनुसार वे पुनः लौट गए। लंच टाइम पर जाने पर अधिवक्ता शंकर सुमन ठाकुर ने जैसा कि आवेदन में जिक्र किया है कि उन्होंने पेशकार मो कासिम को कई लोगों से उनके मुकदमों में अगली तिथि देने के एवज में 50 रुपया से 100 रुपया तक की वसूली करते देखे गए।
तभी, अधिवक्ता शंकर सुमन ठाकुर ने भी पुनः रेकॉर्ड दिखलवाने की अभिलाषा व्यक्त की, जिसपर पेशकार मो कासिम झल्लाते हुए इतने बुरी तरीके से बात किए, और कहा गया कि रिकॉर्ड दिखाने के लिए नहीं बैठा हूं। इस बात से अधिवक्ता शंकर सुमन ठाकुर को काफी खराब लगा, क्योंकि सामने उनके नये क्लाइंट ने सबकुछ देख लिया था, तथा अधिवक्ता का मान सम्मान को पेशकार मो कासिम ने सरेआम धूमिल कर दिया था।
अधिवक्ता शंकर सुमन ठाकुर ने इस अशोभनीय व्यवहार पर पेशकार मो कासिम को समझाना चाहा और कहा कि रुपया पैसे लेकर डेट देने के लिए भी तो सरकार ने आपको नहीं बैठा रखा है। इसी बात पर पेशकार मो कासिम काफी उग्र हो गए और बोले जिसको शिकायत करना है करो, मुझे मेरा काम मत सिखाओ, मेरा कोई कुछ नहीं बिगड़ सकता हैं, जो करना है कर लो। और भी कुछ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जिसको अधिवक्ता दोहरा नहीं सकते हैं। अधिवक्ता शंकर सुमन ठाकुर ने आवेदन में दर्शाया है कि पेशकार मो कासिम के अशोभनीय व्यवहार से उनके आत्म समान को ढेस पहुंचा है। घटना के बाद अधिवक्ता अपने क्लाइंट को लेकर अपनी मान प्रतिष्ठा को बचाते हुए फ़ौरन वहां से निकल गए।
अधिवक्ता शंकर सुमन ठाकुर ने पत्रकारों को खुले मंच में बताया कि आज अदालत की यह दशा देख कर मुझे बहुत अफसोस हुआ कि पेशकार मो कासिम कथित रूप से अवैध वसूली कर रहे पर कोई देखने वाला नहीं।
उन्होंने कहा कि वे कोर्ट में अपने इज्ज़त प्रतिष्ठा के लिए काम करते चले आ रहे हैं और इस तरीके का दुर्व्यवहार आज तक नहीं देखा था कोर्ट परिसर में।
अधिवक्ता ने पत्रकारों को बताया कि घटना के फौरन बाद जिला जज सिरिस्तेदार को आवेदन देकर उसकी छायाप्रति अपने बार एसोसिएशन अररिया के प्रेसिडेंट साहब सहित जिला जज के निजी शिकायत पेटी में दे दिया गया है। जिसपर अपने बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अशोक कुमार पांडेय ने जल्द से जल्द इसपर कार्रवाई करने का हौसला दिया है।



















