आदित्य दत्त नजरिया न्यूज़ रानीगंज
रानीगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित रेफरल अस्पताल रानीगंज के प्रवेश द्वार के सामने रानीगंज के सच्चिदानंद महतो व उनकी पत्नी विंध्यवासिनी देवी के द्वारा कुल पांच डीसमिल जमीन खरीदकर धर्मशाला का निर्माण करवा करके बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद को दान कर दिया गया था.जो धर्मशाला आज खुद का जीर्णोधार का बाट जोह रहा है.विंध्यवासिनी देवी ने जिस उद्देश्य को लेकर धर्मशाला का निर्माण करवाया था उनका वह उद्देश्य आज कोसों दूर नजर आ रहा है.
जिस धर्मशाला का निर्माण वह दूर दराज से आए लोगों को रहने के लिए करवाई थी .उस धर्मशाला को उनके कथित वारिसन भाड़ा लगाकर लाखों रु.सलाना वसूली कर रहे हैं.जबकि धर्मशाला न्यास परिषद के पंजीयन क्रमांक 74 पर अंकित है.जब इस बीच दुकानदार संजीव कुमार मंडल ,मो.अनवर के द्वारा मामले का बारीकी से पड़ताल किया गया तो पता चला कि यह धर्मशाला बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अधीन है तब इन दुकानदारों ने सच्चिदानंद महतो व विंध्यवासिनी देवी के कथित वारिसान को भाड़ा देने से मना कर दिया.दुकानदार संजीव कुमार मंडल ने बताया कि सच्चिदानंद महतो व विंध्यवासिनी देवी को कोई संतान नहीं था,फिर उसके कथित वारिसान भाड़ा का वसूली आज दो दशक से अधिक समय से कर रहे हैं जो कहां तक उचित है यह तो जिम्मेदार अधिकारी हीं बता सकते हैं.
इधर रानीगंज अंचल निरीक्षक सत्यनारायण सिन्हा ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है जांचकर आगे की कारवाई की जाएगी.





















