- *निर्माण कंपनी की गुणवत्ता पर उठे सवाल,करोड़ों की सरकारी संपत्ति ध्वस्त*
नजरिया न्यूज़, गौतम सुमन गर्जना/भागलपुर।
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भागलपुर में बीते तीन वर्षों के दौरान पुलों के बार-बार गिरने की घटनाओं ने निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामले में विक्रमशिला सेतु का हिस्सा ध्वस्त होने से चिंता और बढ़ गई है।
*अगुवानी-सुल्तानगंज पुल पर बार-बार हादसे*
जिले में अगुवानी-सुल्तानगंज गंगा पुल सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा है। करीब 1710 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल का निर्माण एसपी सिंगला कंपनी कर रही है। निर्माण के दौरान ही इस पुल के कई हिस्से अलग-अलग समय पर ढह चुके हैं। इससे न केवल परियोजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं, बल्कि आम लोगों में भी डर का माहौल बना है।
*2022 से 2024 तक लगातार घटनाएं*
पहली बड़ी घटना 30 अप्रैल 2022 की रात सामने आई, जब पिलर संख्या 5 और 6 के बीच का हिस्सा गंगा नदी में गिर गया। इसके बाद 4 जून 2023 को पिलर 9 से 13 के बीच का बड़ा हिस्सा ढह गया, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान इस परियोजना की ओर खींचा। यही नहीं, 15 अगस्त 2024 को भी निर्माणाधीन संरचना का एक भाग गिर गया। लगातार तीन वर्षों में इस तरह की घटनाओं ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
*अब विक्रमशिला सेतु पर बड़ा हादसा*
इसी क्रम में रविवार देर रात विक्रमशिला सेतु का करीब 33 मीटर हिस्सा गंगा में समा गया। यह हिस्सा पुल के शुरुआती भाग में स्थित था, जहां अचानक धंसाव की स्थिति बनी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते यातायात को रोक दिया गया, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। इसके बावजूद इस घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
*निर्माण और निगरानी पर उठे सवाल*
लगातार हो रही इन घटनाओं ने साफ संकेत दिया है कि निर्माण कार्य में कहीं न कहीं गंभीर लापरवाही हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि या तो निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में कमी है या फिर तकनीकी मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा। इसके साथ ही निगरानी तंत्र की कमजोरी भी सामने आ रही है। समय-समय पर निरीक्षण और गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया मजबूत नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं दोहराई जा रही हैं।
*लोगों में बढ़ी चिंता, कार्रवाई की मांग*
इन घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में डर और असंतोष का माहौल है। लोग प्रशासन से जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अगर जल्द ही निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में और बड़े हादसों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
फोटो : भागलपुर में पुलों पर संकट: तीन साल में बार-बार हादसे, निर्माण गुणवत्ता पर सवाल




















