- *कोई हताहत नहीं, आवाजाही हुआ बंद*
नजरिया न्यूज़,गौतम सुमन गर्जना/भागलपुर।
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भागलपुर : गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु का 133 नंबर पिलर रविवार की देर रात पहले बैठा और फिर ध्वस्त होकर गंगा में समा गया। घटना रविवार रात 11:55 बजे पिलर के बैठने से शुरू हुई और रात 1:07 बजे उसके पूरी तरह गिरने के साथ स्थिति गंभीर हो गई।
*समय रहते खाली कराया गया इलाका, टला बड़ा हादसा*
पिलर में गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही सेतु पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत वरीय अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद प्रभावित हिस्से और आसपास के क्षेत्र को खाली करा लिया गया। इसी वजह से जब स्लैब ध्वस्त हुआ तो उसके साथ कोई वाहन नीचे नहीं गिरा। इस घटना में किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
*कुछ मिनटों में बिगड़ी स्थिति*
भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु के भागलपुर की ओर शुरुआती हिस्से में धंसाव होने के बाद करीब 33 मीटर हिस्सा गंगा नदी में समा गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
• रविवार तीन मई की रात 11:50 बजे सस्पेंशन में गैप देखा गया।
• इसके बाद स्थिति तेजी से बिगड़ती गई।
• रात 12:10 बजे यातायात पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का आकलन शुरू किया।
• 12:15 बजे एहतियातन पुल पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई।
• रात 12:50 बजे पुल का करीब 33 मीटर हिस्सा टूटकर गंगा नदी में समा गया।
*इंजीनियरों ने बताई क्षति की गंभीरता*
पुल निर्माण से जुड़े इंजीनियरों के अनुसार लगभग 33 मीटर हिस्से को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इस क्षति के कारण पुल को फिलहाल दुरुस्त करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। अधिकारियों का कहना है कि इसे ठीक करने में कम से कम 15 से 20 दिन का समय लग सकता है, जिसके बाद ही यातायात बहाल किया जा सकेगा।
*आईजी के निर्देश पर रोकी गई वाहनों की आवाजाही*
रेंज आईजी विवेक कुमार ने एसएसपी प्रमोद कुमार यादव और नवगछिया एसपी राजेश कुमार को तत्काल ट्रैफिक रोकने का निर्देश दिया।भारी वाहनों को घोघा, सबौर, जगदीशपुर और केजरेली में ही रोक दिया गया, ताकि शहर के अंदर यातायात पूरी तरह ठप न हो। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। घटना की सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, जिला पदाधिकारी डॉ.नवल किशोर चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुल को पूरी तरह खाली कराकर सील कर दिया गया है।
*लंबा जाम, लोगों को हो रही परेशानी*
घटना के बाद पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। अचानक यातायात बाधित होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन और एनएच विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही है और आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
*बिहार की लाइफलाइन माने जाने वाले पुल पर संकट*
विक्रमशिला सेतु भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। इसे बिहार की लाइफलाइन माना जाता है। इस पुल के प्रभावित होने से दोनों इलाकों के बीच संपर्क लगभग बाधित हो गया है। रोजाना एक लाख से अधिक लोग इस पुल से गुजरते हैं, जिससे अब आवागमन पर बड़ा असर पड़ा है।
*पहले से मिल रहे थे खतरे के संकेत*
करीब एक माह पहले पिलरों के प्रोटेक्शन वॉल के खिसकने और क्षतिग्रस्त होने की खबर सामने आई थी। गंगा की तेज धारा के कारण स्थिति लगातार बिगड़ रही थी। विशेषज्ञों ने तभी आशंका जताई थी कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो पुल के मुख्य ढांचे को गंभीर नुकसान हो सकता है।
*मरम्मत में लापरवाही बनी वजह*
जानकारी के अनुसार, पिछले आठ वर्षों से पुल की समुचित मरम्मत नहीं हुई थी। प्रोटेक्शन वॉल क्षतिग्रस्त होने के बावजूद समय पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अगर समय रहते मरम्मत होती, तो इस तरह की भयावह स्थिति से बचा जा सकता था।
*2001 में हुआ था उद्घाटन, 4.7 किमी लंबा है पुल*
विक्रमशिला सेतु का उद्घाटन वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने किया था। इस पुल की कुल लंबाई करीब 4.7 किलोमीटर है। यह पुल भागलपुर को कोसी-सीमांचल सहित राज्य के कई हिस्सों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसकी अहमियत अब और स्पष्ट हो गई है।
इस बावत भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि विक्रमशिला सेतु के पाया संख्या-133 का एक स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। ट्रैफिक थानाध्यक्ष और पुलिस प्रशासन की त्वरित सतर्कता के कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और सभी वाहनों को समय रहते पुल से हटा लिया गया। उन्होंने बताया कि यातायात को डायवर्ट करते हुए सुल्तानगंज के रास्ते मुंगेर की ओर भेजा जा रहा है, जिसके लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। एसएसपी ने लोगों से अनुरोध करते हुए कहा कि नवगछिया की ओर जाने के लिए फिलहाल सुल्तानगंज होते हुए मुंगेर पुल मार्ग का ही उपयोग करें।
वहीं डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि पिलर संख्या-133 में गैप आने की सूचना मिलते ही यातायात पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए दोनों ओर ट्रैफिक तुरंत रोक दिया। ट्रैफिक रोके जाने के कुछ देर बाद ही पुल का वह हिस्सा गंगा नदी में समा गया। उन्होंने बताया कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। एहतियातन दोनों तरफ यातायात पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है और घटनास्थल पर अधिकारी कैंप कर रहे हैं। लोगों से अपील है कि वे वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें। सुबह होने पर स्थायी वैकल्पिक रूट की व्यवस्था पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुल का हिस्सा किन कारणों से गंगा में समाया, इसकी जांच कराई जाएगी।




















