– रानीगंज अंचल में नहीं थम रहा है भ्रष्टाचार।
– बिना नजराना का नहीं हो रहा है-अविनाश मंगलम।
नजरिया न्यूज आदित्य दत्ता रानीगंज
रानीगंज अंचल में बिना नजराना का कोई काम नहीं होता है।अंचल के कुछ पदाधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।यह आरोप रानीगंज विधानसभा के पूर्व राजद प्रत्याशी अविनाश मंगलम ने लगाते हुए कहा है की अंचल कर्मी के भ्रष्टाचार में लिप्त के खिलाप कई बार आवाज उठाये हैं।डीएम से लेकर सीएम तक शिकायत कर चुके हैं।लेकिन अभी तक ऐसे
भ्रष्ट अधिकारियों पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाया है।
ताजा मामला रानीगंज नगर पंचायत मौजा हसनपुर का है। सुहागी देवी पति बालकृष्ण यादव के द्वारा हसनपुर मौजा में जमीन खरीदा गया है।जमीन विक्रेता रामपुर निवासी कमरुण पति मंसूर रानीगंज थाना नंबर-64,खाता-188,खेसर-2442,रकवा-23.43 डीसमल है।जिसका नामांतरण के लिए दाखिल खारिज किया गया था ।जिसका केस नंबर है वाद संख्या-2794 R 27/2023/2024 रानीगंज को राजस्व कर्मचारी के रिपोर्ट पर नामांतरण अस्वीकृत कर दिया गया।जिसमें बताया गया है कि बिक्रेता के नाम पर ऑनलाइन जमा बन्दी दर्ज नहीं हैं।जबकि सुहागी देवी द्वारा गम्भीर आरोप लगाते हुए डीएम व बिहार लोक जन शिकायत अररिया में शिकायत आवेदन देकर
राजस्व कर्मचारी सह राजस्व अधिकारी व डाटा ऑपरेटर संतोष कुमार,निवर्तमान अंचलाधिकारी चेतना कुमारी पर 10हजार नजराना नहीं देने पर नामांतरण वाद को अस्वीकृत कर देने का आरोप लगाया है।
उन्होंने बताया कि सरकार के वेबसाइट पर चेक किये तो सम्बंधित जमीन का ऑनलाइन जमाबंदी दर्ज है। जिसका जमाबंदी संख्या पृष्ठ संख्या-859 दिख रहा है।इसकी जांच कर कार्यवाही की माँग किया है।
सीआई सत्यनारायण सिन्हा ने बताया कि ऑनलाइन एक ही जमा बन्दी दो लोगों के नाम से दर्ज होने के कारण नामांतरण को अस्वीकृत किया गया।पुनः जाँच कर नामांतरण किया जायेगा।





















