वीरेंद्र चौहान नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज, 16मार्च।
भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) से संबंधित जिला/चार्ज स्तरीय अधिकारियों एवं अन्य शासकीय सेवकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आज प्रधान जनगणना पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी विशाल राज की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16.03.2026, 17.03.2026 एवं 18.03.2026 तक आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर जिला पदाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, इसलिए प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागी प्रत्येक बिंदु को गंभीरता से समझें तथा यदि किसी प्रकार की शंका हो तो प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रश्न-उत्तर के माध्यम से उसका समाधान अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना पूर्णतः डिजिटल माध्यम से की जाएगी। अतः सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी तकनीकी पहलुओं को भली-भांति समझ लें, ताकि कार्य के दौरान किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी संभावित समस्याओं एवं उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी, जैसे कि यदि किसी प्रपत्र में त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि हो जाए तो उसके सुधार की प्रक्रिया क्या होगी। उन्होंने जिला एवं प्रखंड स्तर पर जनगणना से संबंधित व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का भी निर्देश दिया, ताकि आम नागरिकों को भी इस प्रक्रिया के बारे में पर्याप्त जानकारी मिल सके। कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा प्रतिभागियों से विभिन्न प्रश्न भी पूछे गए तथा उनसे संबंधित आवश्यक जानकारी भी साझा की गई। अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से ग्रहण करने एवं जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपादित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पटना से आए रंजय कुमार सिन्हा एवं हेमंत कुमार की दो सदस्यीय विशेषज्ञ टीम द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों को जनगणना से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

किशनगंज, बिहार -जनगणना 2027 इस श्रृंखला की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना है। इस बार डिजिटल नवाचार के तहत जनगणना कार्य में डिजिटल साधनों का व्यापक उपयोग किया जाएगा-प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जनगणना 2027 इस श्रृंखला की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना है। इस बार डिजिटल नवाचार के तहत जनगणना कार्य में डिजिटल साधनों का व्यापक उपयोग किया जाएगा, जिससे आंकड़ों का संकलन अधिक सटीक एवं त्वरित रूप से संभव हो सकेगा।
प्रशिक्षण में यह भी जानकारी दी गई कि जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) 02 मई से 31 मई तक की जाएगी। इसकी समयसीमा अप्रैल से सितंबर 2026 निर्धारित की गई है जबकि बिहार राज्य में यह कार्य 02 मई से 31 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। मकान गणना के दौरान आवास की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं एवं परिसंपत्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी जैसे—छत की सामग्री, पेयजल का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, वाहन -कार, मोटरसाइकिल आदि से संबंधित जानकारी भी एकत्र की जाएगी।
बताया गया कि इस चरण के परिणामस्वरूप जनगणना के द्वितीय चरण अर्थात जनसंख्या गणना के लिए मास्टर फ्रेम तैयार किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी व्यक्ति गणना से वंचित न रह जाए।
प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी दिनांक 17 अप्रैल से 01 मई तक स्वयं दर्ज करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। यदि रिपोर्ट किए गए आंकड़ों में किसी प्रकार का सुधार अपेक्षित है, तो संबंधित प्रगणक के माध्यम से किया जा सकता है। जिला पदाधिकारी द्वारा सभी चार्ज पदाधिकारी को निदेशित किया गया कि जनगणना का प्रथम चरण से संबंधित कार्य का त्रुटि रहित कार्यान्वयन सुनिश्चित करेंगे।
कार्यक्रम में एडीएम अमरेन्द्र कुमार पंकज, डीडीसी प्रदीप कुमार झा, जिला योजना पदाधिकारी -सह- जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री कुंदन कुमार सिंह, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्री प्रमोद सिंह, सहित अन्य जिला एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं कार्यपालक पदाधिकारी जो चार्ज पदाधिकारी अधिसूचित है, पदाधिकारी उपस्थित थे।





















