प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 05 लाभुकों को 36.5 लाख रुपये का ऋण प्रदान करने की स्वीकृति दी गई तथा 06 लाभुकों को 41 लाख रुपये का ऋण भुगतान किया गया…
वीरेंद्र चौहान नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज , 12 मार्च।
समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एवं प्रधानमंत्री सुक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के अन्तर्गत लाभुकों के बीच ऋण वितरण हेतु ऋण वितरण शिविर का आयोजन किया गया।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के अंतर्गत 05 लाभुकों को 36.5 लाख रुपये का ऋण प्रदान करने की स्वीकृति दी गई । 06 लाभुकों को 41 लाख रुपये का ऋण भुगतान किया गया।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र पदाधिकारी अनिल कुमार एवं अन्य बैंककर्मी और योजना के लाभार्थी उपस्थित रहे।
जानकारी के मुताबिक
प्रधानमंत्री सुक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत 04 लाभुकों को 57 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया एवं 02 लाभुकों को 42 लाख रुपये का ऋण भुगतान किया गया।
पीएम विश्वकर्मा योजना में 05 लाभुक को 05 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत एवं भुगतान किया गया।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एक प्रमुख क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक कारीगरों और बेरोजगार युवाओं की सहायता करना और गैर-कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से स्व-रोजगार के अवसर पैदा करना है।

किशनगंज, बिहार -कार्यक्रम में महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र पदाधिकारी अनिल कुमार एवं अन्य बैंककर्मी और योजना के लाभार्थी उपस्थित रहे-नजरिया न्यूज
प्रधानमंत्री सुक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन (PMFME) योजना का उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के असंगठित क्षेत्र में मौजूदा एकल सूक्ष्म उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना और इस क्षेत्र के औपचारिककरण को बढ़ावा देना तथा किसान उत्पाद संगठनों (FPO), स्वयं सहायता समूहों (SHG) और उत्पादक सहकारी समितियों को उनकी संपूर्ण मूल्य श्रृंखला के साथ-साथ समर्थन देना है।
पीएम विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य परंपरागत कारीगरों एवं शिल्पकारों को वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके कौशल को बढ़ावा देना और उनके व्यवसाय को सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को सस्ती ब्याज दर पर ऋण, कौशल प्रशिक्षण, डिजिटल लेन-देन की सुविधा, ब्रांडिंग और विपणन में सहयोग दिया जाता है।
ऋण वितरण के उपरांत उद्योग विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर समाहर्ता ने संबंधित बैंकों एवं विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति निकट होने के कारण निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिन बैंकों के द्वारा अपेक्षित प्रगति नहीं की जा रही है, उनके वरीय पदाधिकारियों को अविलंब सूचित करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।






















