नजरिया न्यूज़, अररिया। मंटू राय।
दिनांक 28 फरवरी को अररिया महाविद्यालय, अररिया के प्रांगण में विकसित भारत युवा संसद–2026 कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन संसदीय परंपराओं की तर्ज पर किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं को लोकतंत्र एवं संसदीय कार्यप्रणाली को निकट से समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. (डॉ.) विवेकानन्द सिंह, कुलपति पूर्णिया विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। उन्होंने लोकतंत्र के बुनियादी तत्वों, संविधान की गरिमा और युवाओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदीप कुमार सिंह, माननीय सांसद अररिया उपस्थित रहे। उन्होंने संसदीय कार्यशैली, जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों तथा जिले से जुड़े विकासात्मक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संसदीय शासन व्यवस्था के महत्व को रेखांकित करते हुए छात्र जीवन में अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक दायित्व पर बल दिया।
कार्यक्रम का आयोजन अररिया कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) रामदयाल पासवान के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। आयोजन सचिव डॉ. शम्स परवेज़ (कार्यक्रम पदाधिकारी, रा.से.यो.) की भूमिका सराहनीय रही। महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों के सहयोग से कार्यक्रम सफल रहा।
युवा संसद में संवाद का विषय “आपातकाल के 50 वर्ष : भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” रखा गया। इस पर 100 से अधिक प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल द्वारा मूल्यांकन के बाद पाँच प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तरीय युवा संसद के लिए किया गया। चयनित प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया तथा प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में होली मिलन समारोह आयोजित कर सभी को शुभकामनाएँ दी गईं। मंच संचालन डॉ. हिना नकवी, डॉ. राजेश मोहन एवं डॉ. हामिद रज़ा ने संयुक्त रूप से किया।
यह जानकारी मीडिया प्रभारी डॉ. प्रभात कुमार सिंह, अररिया कॉलेज, अररिया द्वारा प्रेस को जारी की गई।



















